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कुवैत में अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का सुसाइड ड्रोन से हमले का दावा, होर्मुज से मात्र पांच जहाज गुजरे

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कुवैत सिटी/तेहरान/वाशिंगटन, 31 जुलाई (हि.स.)। ईरान ने कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सेना के अहम ठिकानों पर सुसाइड ड्रोन हमले का दावा किया है। ईरान की सेना ने कहा कि यह हमला 'ऑपरेशन थंडरबोल्ट' के अंतर्गत पूरी तैयारी से किया गया। इस हमले में हैंगर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम और सैन्य साजो-सामान के गोदामों को निशाना बनाया गया। सुसाइड ड्रोन विस्फोटक से लैस मानवरहित विमान (यूएवी) होता है। यह लक्ष्य से टकराकर खुद को नष्ट कर लेता है। अंतरराष्ट्रीय सैन्य शब्दकोश में इनको कामिकेज ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन भी कहा जाता है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से संबद्ध अर्द्ध सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह कहा कि ईरानी सेना ने सारी रात कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सेना के महत्वपूर्ण ठिकानों पर कहर बरपाया। अमेरिका को पिछले दिनों देश के केशम द्वीप पर किए गए क्रूर हमले का जवाब दिया गया है।

ईरानी सेना ने कहा कि निशाना बनाए गए इस बेस ने अमेरिकी हवाई और निगरानी अभियानों में अहम भूमिका निभाई है। आईआरजीसी ने बयान में कहा कि ईरान को अमेरिकी धमकी की परवाह नहीं। सारा देश इस मुद्दे पर एकजुट है। ईरान के हमलों को रोक पाना बहुत मुश्किल होगा। इस बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने एक्स पर दक्षिणी ईरान के रिहायशी इलाकों पर अमेरिका के हालिया मिसाइल हमलों की निंदा की। उन्होंने चेतावनी दी कि वाशिंगटन को इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि केशम द्वीप पर आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाना नरसंहार जैसा है। ऐसे हमले मिनाब और लामेर्द में भी किए गए हैं।

अमेरिका ने अभी तक ईरान के ताजा हमले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अमेरिका ने जॉर्डन पर हुए हमले के बाद ईरान में तबाही मचाने के बाद खामोशी की चादर ओढ़ ली है। ईरान में पिछली रात कहीं से भी किसी तरह के धमाके की सूचना नहीं है। ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने इसकी पुष्टि की है। आईआरआईबी ने कहा कि ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने रातभर कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। हालांकि कुवैती अधिकारियों ने अभी तक इस हमले की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है।

मरीन ट्रैफिक डेटा के अनुसार, गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से मात्र पांच जहाज गुजरे। ऐसा तब हुआ जब ईरानी सेना ने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका हमले करता रहेगा, तब तक यह रास्ता बंद रहेगा। शिपिंग एनालिटिक्स कंपनी केप्लर ने शुक्रवार को बताया कि इनमें एक कार्गो जहाज और एक एलपीजी टैंकर शामिल है। पांचों जहाज ईरानी जलमार्ग से गुजरे।

केप्लर ने गुरुवार को कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में बाब अल-मंदेब से , 47 जहाज गुजरे। यह वही स्थान है, जहां पर यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी जहाजों की आवाजाही रोकने की घोषणा की थी। रियाद ने गुरुवार को ही अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट और वैश्विक व्यापार की सुरक्षा के लिए 14 अन्य देशों के समर्थन से मैरीटाइम डिफेंस अलायंस (समुद्री रक्षा गठबंधन) बनाने की घोषणा की थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद