ईरान का दावा- यूएसएस अब्राहम लिंकन पर मिसाइल हमला, अमेरिका ने नहीं की पुष्टि
तेहरान, 01 मार्च (हि.स.)। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को दावा किया कि उसने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। गार्ड्स ने कहा कि यह कार्रवाई देश के सुप्रीम लीडर अली खामनेनी की मौत का बदला लेने के लिए की गई। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
आईआरजीसी के बयान में चेतावनी दी गई कि “जमीन और समुद्र हमलावरों के लिए कब्रगाह बन जाएंगे।” इससे पहले जनवरी में यूएसएस अब्राहम लिंकन और तीन गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर को ईरान के निकट क्षेत्र में तैनात किया गया था।
अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े ने अलग बयान में कहा कि उसने ईरानी नौसेना के एक युद्धपोत को डुबो दिया है। साथ ही, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरानी सैनिकों और पुलिस को हथियार डालने की चेतावनी दोहराए जाने की बात भी कही गई।
शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौत का दावा
ईरानी सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) ने रिपोर्ट दी कि हालिया हमलों में सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुल रहीम मौसावी की मौत हो गई।
समाचार एजेंसियों के अनुसार, इस हमले में आईआरजीसी के वरिष्ठ कमांडर मोहम्मद पाकपुर, रक्षा परिषद के सचिव Ali Shamkhani और रक्षा मंत्री अज़ीज़ नासिरज़ादेह के भी मारे जाने की खबर है। इन दावों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है।
‘खामेनेई के हत्यारों को नहीं छोड़ेंगे’
आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वह सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या के जिम्मेदार लोगों को सजा देगा और अमेरिका व इजराइल के खिलाफ कड़ा अभियान चलाएगा।
उधर, इजराइली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने कहा कि उसकी वायुसेना ने तेहरान में दो अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई की, जहां उच्च सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

