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अगले हफ्ते मॉस्को में मिलेंगे ईरान और रूस के राष्ट्रपति

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अगले हफ्ते मॉस्को में मिलेंगे ईरान और रूस के राष्ट्रपति


तेहरान/मॉस्को, 24 अक्टूबर (हि.स.)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और रूस के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अगले सप्ताह मॉस्को में मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

अराघची के मुताबिक यह बैठक इस सप्ताह की शुरुआत में तेहरान पहुंचे रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ हुई बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित की जाएगी।

तुर्किए की सरकारी न्यूज एजेंसी अनाडोलू के मुताबिक ईरानी विदेश मंत्री ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए आगामी बैठक की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की मौजूदगी में मॉस्को में बातचीत और विचार-विमर्श का सिलसिला जारी रहेगा। उन्हाेंने बताया कि लावरोव के साथ उनकी मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा हुई। बातचीत में राजनीतिक और आर्थिक सहयोग बढ़ाने, मौजूदा समझौतों को लागू करने तथा दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

ईरान और रूस पिछले कुछ वर्षों में राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। जनवरी 2025 में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान की मॉस्को यात्रा के दौरान दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते में द्विपक्षीय संबंधों और राजनयिक समन्वय को बढ़ाना, व्यापार और निवेश के अवसरों को मजबूत करना, ऊर्जा संबंधी सहयोग और साझा परियोजनाओं को आगे बढ़ाना, साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग तथा क्षेत्रीय संपर्क और परिवहन परियोजनाओं को प्रोत्साहन देना शामिल है।

ईरान और रूस के शीर्ष नेतृत्व के बीच होने वाली इस मुलाकात का महत्व ऐसे समय बढ़ गया है जब पश्चिम एशिया में सैन्य और राजनयिक तनाव लगातार चर्चा में है। दोनों देशों ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर नियमित संपर्क बनाए रखा है। वहीं ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिका-इजराइल के साथ जारी तनाव जैसे मुद्दे भी व्यापक कूटनीतिक परिदृश्य का हिस्सा हैं। हालांकि, आगामी बैठक के आधिकारिक एजेंडे में किन विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी, इसकी विस्तृत पुष्टि अभी उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां जहाजों की आवाजाही में किसी भी तरह की बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव तथा क्षेत्र में युद्धविराम से संबंधित कूटनीतिक प्रयासों के बीच इस जलमार्ग की स्थिति भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। मॉस्को में होने वाली बातचीत के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा होने की संभावना है, लेकिन होर्मुज से जुड़े किसी विशेष समझौते की घोषणा अभी नहीं हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी