अमेरिका से बातचीत के पक्ष में बोले ईरानी राष्ट्रपति, ‘हमेशा युद्ध में नहीं रह सकते’
तेहरान, 23 अगस्त (हि.स.)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच कहा है कि देश हमेशा युद्ध की स्थिति में नहीं रह सकता और अंततः देश को युद्ध तथा शांति के बीच की अनिश्चित स्थिति से बाहर निकालने के लिए फैसला करना होगा।
रविवार को तेहरान में दो अलग-अलग कार्यक्रमों में पेजेशकियन ने जून में अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का बचाव किया। उन्होंने कहा कि वार्ता प्रक्रिया से सीधे जुड़े लोगों का मानना था कि यह समझौता देश के सामने मौजूद संकट से निकलने का सबसे बेहतर रास्ता था।
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि समझौते को लागू कर तर्क और सम्मानजनक तरीके से समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। हालांकि, पिछले महीने यह समझौता टूट गया था। इसके बाद ईरान के भीतर अमेरिका के साथ बातचीत और भविष्य की रणनीति को लेकर नेतृत्व में मतभेद उभरने की चर्चा तेज हो गई है।
पेजेशकियन ने देश की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरकार महंगाई, लोगों की आजीविका, रोजगार और भविष्य से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि केवल सैन्य ताकत किसी देश की सफलता की गारंटी नहीं हो सकती और सरकार को जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है।
इस कार्यक्रम में इस्लामिक रिपब्लिक के संस्थापक रुहोल्लाह खुमैनी के पोते अयातुल्ला सैय्यद हसन खुमैनी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि कई बार एक बुद्धिमान समझौता सैकड़ों युद्धों से अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

