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ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का आह्वान- देश 'न युद्ध, न शांति' वाली स्थिति से बाहर आए

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ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का आह्वान- देश 'न युद्ध, न शांति' वाली स्थिति से बाहर आए


तेहरान (ईरान), 29 अक्टूबर (हि.स.)। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई ने कहा कि 'न युद्ध, न शांति' वाली स्थिति को खत्म करने का वक्त आ गया है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि सर्वोच्च नेता के आह्वान को देश की मंत्रिपरिषद को अवगत करा दिया गया है। सरकार से कहा गया कि वह इस आदेश को पूरी गंभीरता और अपनी पूरी क्षमता के साथ लागू करे।

इरना की रिपोर्ट के अनुसार खामेनेई ने यह आह्वान बुधवार को किया। राष्ट्रपति ने खामेनेई के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव को दिए गए इस निर्देश को देश के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा बताया है। बुधवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में राष्ट्रपति ने देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे घटनाक्रमों पर चर्चा की। उन्होंने खामेनेई के आह्वान की सराहना की।राष्ट्रपति ने किसी भी नई स्थिति का सामना करने के लिए लगातार तैयार रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने सलाह दी कि सभी मंत्रियों और कार्यकारी शाखा के प्रमुखों व उनके सहायकों को जरूरतों के हिसाब से पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। पेजेशकियान ने कहा कि दुश्मनों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे ईरान के संकल्प को कमजोर कर सकते हैं या देश को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर सकते हैं। पेजेशकियान ने इस मौके पर हाल ही में अमेरिका और इजराइल के युद्ध में शहीद लोगों को श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति ने कहा कि ईरानी नागरिकों और बच्चों की हत्या को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युद्ध शहीदों को संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलनों, पर्यावरण सम्मेलनों, और विभिन्न राजनयिक बैठकों पर सम्मानित किया गया है। पेजेशकियान ने मिनाब और लामेर्द में नागरिकों खासकर बच्चों और छात्रोंपर हुए हमलों की निंदा की। उन्होंने इन हमलों को मानवीय सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के नियमों के खिलाफ बताया।

उन्होंने अमेरिका और उसके पश्चिमी और क्षेत्रीय समर्थकों की ओर इशारा करते हुए कहा, एक तरफ आतंकवाद से लड़ने की बातें की जा रही हैं और दूसरी तरफ स्कूलों, अस्पतालों, खेल सुविधाओं और रिहायशी घरों को निशाना बनाया जा रहा है। यह इन लोगों के दावों और उनके असल बर्ताव के बीच के विरोधाभास पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

इस दौरान विदेशमंत्री अब्बास अरागची सहित कई मंत्रियों ने राजनयिक घटनाक्रमों और क्षेत्रीय विचार-विमर्श पर एक रिपोर्ट पेश की। इसमें कतर के प्रतिनिधिमंडल, पाकिस्तान के सेना प्रमुख की यात्राओं, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के तीन उच्चस्तरीय अधिकारियों के साथ हुई बातचीत का विवरण शामिल रहा। इसके अलावा, राष्ट्रपति की मॉस्को यात्रा के बारे में भी एक रिपोर्ट पेश की गई।

इरना की एक और रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक क्रांति के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने बुधवार को देशभर के विश्वविद्यालय के छात्रों के पत्रों का जवाब दिया। उन्होंने जवाबी पत्रों में युवाओं से आग्रह किया कि वे इस्लामिक गणराज्य को प्रगति के शिखर तक ले जाने के लिए खुद को ज्ञान और आस्था से सुसज्जित करें। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने इससे पहले 27 अक्टूबर को संसद को संबोधित करते हुए कहा कि मोजतबा खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनका मनोबल ऊंचा है।

बताया गया है कि खामेनेई से हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मुलाकात की हैं। ईरानी राजनयिक अब्दुल मजीद हकीम इलाही के अनुसार, राष्ट्रपति के साथ उनकी करीब 7 घंटे की बैठक हो चुकी है। उधर, फरवरी 2026 में अमेरिकी-इजराइली हमलों (जिसमें उनके पिता अली खामेनेई की मृत्यु हो चुकी है) के बाद से मोजतबा खामेनेई का कोई ताजा लाइव वीडियो या ऑडियो संदेश सार्वजनिक नहीं हुआ है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से वह अभी सार्वजनिक मंचों पर नहीं आ रहे हैं और पर्दे के पीछे से देश का कामकाज संभाल रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद