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अबू मूसा और तुनब द्वीपों पर यूएई-कनाडा के दावे से भड़का ईरान, बयान को बताया हस्तक्षेपकारी

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तेहरान, 29 अक्टूबर (हि.स.)। ईरान ने फारस की खाड़ी में स्थित अबू मूसा, ग्रेटर तुनब और लेसर तुनब द्वीपों को लेकर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कनाडा के संयुक्त बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने दोनों देशों के रुख को हस्तक्षेपकारी बताते हुए कहा कि ये तीनों द्वीप ईरान के क्षेत्र का अभिन्न और स्थायी हिस्सा हैं।

बघाई ने कहा कि इन द्वीपों को लेकर बार-बार किए जा रहे निराधार दावों से भौगोलिक, ऐतिहासिक और कानूनी वास्तविकताएं नहीं बदलेंगी। उन्होंने कनाडा की ओर से यूएई के रुख का समर्थन किए जाने को अदूरदर्शी बताया और आरोप लगाया कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन है। ईरानी प्रवक्ता ने यूएई को अच्छे पड़ोसी की भावना के अनुरूप व्यवहार करने की सलाह भी दी।

दरअसल, अबू धाबी के युवराज की इस सप्ताह ओटावा यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और यूएई के राष्ट्रपति शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने तीनों द्वीपों पर कथित कब्जा समाप्त करने की मांग की थी। बयान में कहा गया था कि इन द्वीपों पर ईरान का नियंत्रण यूएई की संप्रभुता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के विरुद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय