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होर्मुज के पास भारतीय तेल टैंकर पर फायरिंग, ईरान पर आरोप

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- होर्मुज में दूसरा हमला, यूके के कंटेनर जहाज को नुकसान

मस्कट/नई दिल्ली, 18 अप्रैल (हि.स.)। ओमान के पास होर्मुज जलडमरुमध्य के नजदीक एक भारतीय तेल टैंकर पर फायरिंग की घटना सामने आई है, जिससे क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता और गहरा गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी नौसेना द्वारा यह फायरिंग की गई, हालांकि आधिकारिक स्तर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

‘जग अर्णव’ नाम का यह भारतीय टैंकर करीब 20 लाख बैरल इराकी कच्चा तेल लेकर जा रहा था। घटना के समय एक अन्य भारतीय जहाज ‘सन्मार हेराल्ड’ भी उसी क्षेत्र में मौजूद था, लेकिन वह सुरक्षित रहा। जानकारी के मुताबिक, फायरिंग केवल ‘जग अर्णव’ पर की गई, जिससे जहाज और चालक दल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं।

इस घटना से पहले भी खबरें आई थीं कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण दो भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरुमध्य से वापस लौटना पड़ा था। इसी बीच यह नई घटना सामने आई है, जिसने समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

भारतीय नौसेना इस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल होर्मुज जलडमरुमध्य में कोई भारतीय युद्धपोत तैनात नहीं है, लेकिन ओमान की खाड़ी में भारतीय नौसैनिक जहाज मौजूद हैं, जो स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस समुद्री मार्ग पर काफी हद तक निर्भर है, ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव देश की तेल आपूर्ति और व्यापार पर असर डाल सकता है।

इसी बीच, कुछ घंटों के भीतर एक और समुद्री हमले की खबर सामने आई है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ के अनुसार, ओमान तट से करीब 46 किलोमीटर दूर एक कंटेनर जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया, जिससे उसके कुछ कंटेनरों को नुकसान पहुंचा। हालांकि इस हमले में न तो आग लगने की सूचना है और न ही किसी पर्यावरणीय क्षति की पुष्टि हुई है।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर व्यापक असर पड़ सकता है।

उल्लेखनीय है कि समुद्री आंकड़ों के मुताबिक हाल ही में आठ तेल टैंकरों का एक काफिला इस मार्ग से गुजरा था, जो संकेत देता है कि तनाव के बावजूद शिपिंग गतिविधियां धीरे-धीरे फिर शुरू हो रही थीं। लेकिन इस ताजा घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में अस्थिरता और जोखिम को उजागर कर दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय