गाजा शांति योजना पर इजराइल के रुख से नाराज अरब देश, तुर्किये-पाकिस्तान समेत 8 देशों ने जताई आपत्ति
काहिरा, 16 अगस्त (हि.स.)। गाजा में युद्ध समाप्त करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना को इजराइल द्वारा खारिज किए जाने के बाद अरब देशों समेत कई देशों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। मिस्र, जॉर्डन, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), तुर्किये, पाकिस्तान और इंडोनेशिया ने रविवार को संयुक्त बयान जारी कर इजराइल को गाजा में शांति प्रयासों में बाधा डालने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
संयुक्त बयान में कहा गया कि इजराइल का अमेरिकी योजना को खारिज करना गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयासों को पटरी से उतारने का खतरा पैदा करता है। देशों ने कहा कि इजराइल का रुख ‘व्यापक शांति योजना’ को लागू करने के प्रयासों को कमजोर करता है और स्थायी एवं न्यायपूर्ण शांति की दिशा में चल रहे सामूहिक प्रयासों के लिए गंभीर चुनौती है।
बयान में कहा गया, “गाजा और फिलिस्तीनी क्षेत्रों में शांति प्रयासों को बाधित करने की जिम्मेदारी इजराइल की है।” इन देशों ने अमेरिका से योजना को लागू कराने के लिए सक्रिय और लगातार भूमिका निभाने की अपील की।
उन्होंने अमेरिका से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि इजराइल व्यापक योजना और उसके रोडमैप में तय प्रतिबद्धताओं और व्यवस्थाओं का पूरी तरह पालन करे तथा किसी भी पक्ष को इसके क्रियान्वयन में बाधा डालने से रोका जाए।
संयुक्त बयान में चेतावनी दी गई कि योजना को लगातार खारिज करने, उसके क्रियान्वयन में देरी या बाधा डालने की स्थिति में जमीन पर हालात बिगड़ने और गाजा में युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी इजराइल की होगी।
इन देशों ने बोर्ड ऑफ पीस से भी अमेरिका के सक्रिय समर्थन के साथ तत्काल और ठोस कदम उठाने की अपील की, ताकि शांति योजना की मूल भावना बनी रहे और कोई भी पक्ष इसके कार्यान्वयन को बाधित न कर सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

