ब्राजील में इबोला के दो संदिग्ध मामलों से बढ़ी सतर्कता, स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट पर
ब्रासीलिया, 31 मई (हि.स.)। मध्य अफ्रीका में फैल रहे इबोला प्रकोप के बीच ब्राजील में इबोला संक्रमण के दो संभावित मामलों की जांच शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने साओ पाउलो और रियो डी जेनेरो में संदिग्ध मरीजों की निगरानी बढ़ा दी है, जिससे वायरस के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने की आशंकाओं को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।
साओ पाउलो राज्य सरकार के अनुसार, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य से आए 37 वर्षीय एक व्यक्ति में बुखार जैसे लक्षण पाए गए, जिसके बाद उसे इबोला का संदिग्ध मरीज मानते हुए विशेष निगरानी में रखा गया है। प्रारंभिक जांच में इबोला वायरस की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी एहतियात के तौर पर उसे एक विशेष संक्रामक रोग केंद्र में पृथक रखा गया है।
वहीं, रियो डी जनेरियो के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि युगांडा से आए एक व्यक्ति में खांसी, ठंड लगना और दस्त जैसे वायरल संक्रमण के लक्षण पाए गए। इसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए। बाद में मरीज की जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई, हालांकि स्वास्थ्य अधिकारी मामले की आगे भी जांच कर रहे हैं।
अफ्रीकी स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में 15 मई को घोषित इबोला प्रकोप के बाद अब तक एक हजार से अधिक संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं, जबकि लगभग 250 लोगों की मौत हो चुकी है। पड़ोसी युगांडा में भी संक्रमण के कुछ मामलों और एक मौत की पुष्टि हुई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि कांगो में संक्रमण का वास्तविक दायरा आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकता है, क्योंकि वायरस का प्रसार उसकी पहचान होने से पहले ही शुरू हो चुका था।
हालांकि ब्राजील के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में देश और पूरे दक्षिण अमेरिका में इबोला के व्यापक प्रसार का जोखिम बहुत कम है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी, जांच और संक्रमण नियंत्रण उपायों को मजबूत किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

