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ईरान के तेल ठिकानों पर इजराइली हमलों से बढ़ी वैश्विक चिंता, अमेरिका में भी हलचल

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वॉशिंगटन/तेहरान, 09 मार्च (हि.स.)। ईरान के तेल और ईंधन ठिकानों पर इजराइल द्वारा किए गए हालिया हमलों के बाद वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इन हमलों को लेकर अमेरिकी प्रशासन के भीतर भी असहजता देखी जा रही है, क्योंकि इससे क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों को हमलों की योजना की जानकारी थी, लेकिन उनके पैमाने और उससे हुई क्षति ने प्रशासन के कुछ अधिकारियों को हैरान कर दिया। बताया गया है कि इजराइल ने शनिवार रात ईरान के कई ईंधन डिपो और तेल से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके बाद आसमान में उठते काले धुएं के गुबारों की तस्वीरें सामने आईं। इन घटनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति और तेल उत्पादन पर संभावित असर को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर ज्यादा चिंता व्यक्त नहीं की। उनका कहना है कि क्षेत्रीय संघर्ष समाप्त होने के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। हालांकि प्रशासन के कुछ सलाहकारों का मानना है कि तेल कीमतों में तेजी राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन सकती है।

वहीं ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दावा किया है कि संघर्ष शुरू होने के नौ दिनों के भीतर ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि इस तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजार पर भी पड़ा है और कई वस्तुओं की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।

अराघची ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान के तेल और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान हर स्थिति के लिए तैयार है और किसी भी कार्रवाई का जवाब देने की क्षमता रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव आने वाले दिनों में वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय