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हिमाचल में सेवानिवृत्त पेंशनरों के बकाया जल्द जारी करे सरकार: पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट

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शिमला, 06 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए हजारों पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभों को लेकर पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट ने सरकार से जल्द भुगतान की मांग की है। फ्रंट का कहना है कि राज्य में करीब 40 हजार पेंशनर ऐसे हैं जिन्हें अब तक उनके कई वित्तीय लाभ नहीं मिले हैं। इससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेंशनरों ने लंबित देनदारियों को लेकर चर्चा की और सरकार से इन्हें जल्द जारी करने की मांग की। फ्रंट के पदाधिकारियों का कहना है कि 1 जनवरी 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अभी तक एरियर, महंगाई भत्ता (डीए) और मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं किया गया है।

पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा ने कहा कि पेंशनर अपनी मांगों को लेकर सरकार के साथ समन्वय बनाकर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ अधिकारी सरकार के आदेशों की सही तरह से पालना नहीं कर रहे हैं। उनका आरोप है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लंबित देनदारियों को लेकर सरकार ने घोषणा तो कर दी है, लेकिन कुछ अधिकारी इस प्रक्रिया में अड़ंगा डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ पेंशनर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों पेंशनरों को अब तक उनके एरियर, डीए और मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं मिला है, जबकि कई पेंशनर वृद्धावस्था में आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह इन सभी लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए आगामी बजट में पर्याप्त धन का प्रावधान करे, जिससे पेंशनरों को राहत मिल सके।

आत्मा राम शर्मा ने यह भी कहा कि यदि सरकार ने जल्द इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए तो पेंशनर संगठन आगे की रणनीति तैयार करेगा और आंदोलन का रास्ता भी अपना सकता है। उनका कहना है कि पेंशनरों को उनके हक का पैसा समय पर मिलना चाहिए। इससे वे सम्मान के साथ अपना जीवन गुजार सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा