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हिमाचल में करुणामूलक नौकरी का एक और मौका, पुराने खारिज मामलों की फिर होगी जांच

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हिमाचल में करुणामूलक नौकरी का एक और मौका, पुराने खारिज मामलों की फिर होगी जांच


शिमला, 02 जुलाई (हि.स.)। वर्षों पहले करुणामूलक नौकरी की उम्मीद टूट जाने वाले कई परिवारों के लिए हिमाचल की सुक्खू सरकार ने एक बार फिर दरवाजा खोल दिया है। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि जिन मामलों को पहले केवल आर्थिक रूप से जरूरतमंद नहीं मानने के आधार पर खारिज किया गया था, उनकी दोबारा जांच की जाएगी। यह सुविधा केवल एक बार के विशेष प्रावधान के तहत मिलेगी। वित्त विभाग की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार पात्र आश्रितों को 31 दिसंबर 2026 तक संबंधित विभाग में नया आवेदन देना होगा। तय समय सीमा के बाद किसी भी परिस्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मौजूदा आर्थिक स्थिति के आधार पर होगा नया आकलन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि करुणामूलक नियुक्ति किसी का अधिकार नहीं है। इसका उद्देश्य केवल उन परिवारों को राहत देना है, जिनके सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो गई और परिवार आर्थिक कठिनाई में जीवन बिता रहा है। सरकार के अनुसार कई आश्रित लगातार यह आग्रह कर रहे थे कि आवेदन खारिज होने के बाद भी उनकी आर्थिक स्थिति नहीं सुधरी है। इसे देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि ऐसे मामलों में वर्तमान आर्थिक स्थिति के आधार पर फिर से जांच की जाएगी। नया आवेदन मिलने की तारीख से संबंधित विभाग को एक महीने के भीतर फैसला करना होगा।

सिर्फ इन्हीं मामलों को मिलेगा पुनर्विचार का लाभ

कार्यालय ज्ञापन में साफ किया गया है कि दोबारा जांच केवल उन्हीं मामलों की होगी, जिन्हें पहले सिर्फ आर्थिक रूप से जरूरतमंद नहीं मानने के कारण अस्वीकार किया गया था। जिन आवेदनों को किसी अन्य वजह से खारिज किया गया था, उन्हें फिर से नहीं खोला जाएगा। हर मामले में संबंधित पद के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार पात्रता की जांच होगी और किसी प्रकार की अतिरिक्त छूट नहीं दी जाएगी। यदि मामला सभी शर्तों पर सही पाया जाता है तो नियुक्ति पत्र जारी करने से पहले मुख्यमंत्री की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

31 दिसंबर अंतिम तारीख, विभागों को दिए गए निर्देश

सरकार ने यह भी कहा है कि इस विशेष व्यवस्था के तहत 31 दिसंबर 2026 तक ऐसे मामलों के लिए प्रत्यक्ष भर्ती के पांच प्रतिशत की सीमा में छूट रहेगी। श्रेणी-तीन के पदों पर नियुक्तियां कार्मिक विभाग के भर्ती निदेशालय के माध्यम से की जाएंगी, जबकि श्रेणी-चार और मल्टी टास्क वर्कर के पद सरकार की प्रचलित कॉमन एमटीडब्ल्यू नीति के अनुसार भरे जाएंगे। वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाए और पात्र मामलों का तय समय सीमा के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा