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हिमाचल में एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल जारी, सचिवालय के बाहर दिया धरना

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हिमाचल में एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल जारी, सचिवालय के बाहर दिया धरना


शिमला, 07 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की पांच दिन की राज्यव्यापी हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। बारिश के बावजूद सैकड़ों कर्मचारी छोटा शिमला स्थित प्रदेश सचिवालय के बाहर धरने पर डटे रहे। हड़ताल के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित रहीं। एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

हड़ताल कर रहे कर्मचारी सीटू के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे लंबे समय से न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम भुगतान और श्रम कानूनों के पालन की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा और उनसे रोजाना 12 घंटे तक काम लिया जाता है, जबकि ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता।

धरने को संबोधित करते हुए सीटू प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत मेडस्वान फाउंडेशन के अधीन काम कर रहे पायलट, कैप्टन और ईएमटी कर्मचारी लंबे समय से शोषण का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई न्यायालयों और श्रम विभाग के आदेशों के बावजूद कर्मचारियों की समस्याएं हल नहीं की गई हैं।

यूनियन नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों को नियमानुसार छुट्टियां नहीं मिल रही हैं और ईपीएफ तथा ईएसआई के लागू करने में भी गंभीर गड़बड़ियां हैं।

यूनियन ने मांग की है कि कर्मचारियों को सरकारी नियमों के अनुसार न्यूनतम वेतन दिया जाए, 12 घंटे की ड्यूटी पर डबल ओवरटाइम भुगतान किया जाए, सभी प्रकार की छुट्टियां सुनिश्चित की जाएं और वाहनों की मेंटेनेंस या इंश्योरेंस के दौरान वेतन न काटा जाए। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, लेबर कोर्ट, सीजेएम कोर्ट शिमला और श्रम विभाग के आदेशों को तुरंत लागू करने की भी मांग की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा