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हिमाचल के जिला अस्पतालों में बढ़ेंगी जांच सुविधाएं, आठ अस्पतालों में लगेंगी एमआरआई मशीनें

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हिमाचल के जिला अस्पतालों में बढ़ेंगी जांच सुविधाएं, आठ अस्पतालों में लगेंगी एमआरआई मशीनें


शिमला, 16 जुलाई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने जिला अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। इसके तहत प्रदेश के आठ अस्पतालों में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी। साथ ही पांच अस्पतालों में डिजिटल मैमोग्राफी की सुविधा शुरू होगी। दुर्गम क्षेत्रों में मरीजों की जांच के लिए 42 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें भी खरीदी जा रही हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को इन योजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य लोगों को उनके घर के पास ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल समय पर इलाज देने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, कुल्लू, ऊना और सोलन, जिला अस्पताल किन्नौर, डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नाहन, क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला और पालमपुर में 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीनें लगाई जाएंगी। इन मशीनों के शुरू होने से मरीजों को एमआरआई जांच के लिए दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी सात सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीनें भी स्थापित की जा रही हैं। इन मशीनों से जटिल बीमारियों की जांच पहले से अधिक सटीक और बेहतर तरीके से हो सकेगी। इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों को इलाज में भी सुविधा मिलेगी।

महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के पांच अस्पतालों में डिजिटल मैमोग्राफी सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत जिला अस्पताल नाहन और हमीरपुर के साथ क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर, धर्मशाला और सोलन में डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें लगाई जाएंगी। इस सुविधा से स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की समय पर जांच और पहचान करने में मदद मिलेगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के दुर्गम और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक जांच सुविधाएं पहुंचाने के लिए 42 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की खरीद प्रक्रिया जारी है। इनमें से 14 मशीनें पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं। इन मशीनों का उपयोग विशेष रूप से छाती की जांच और टीबी की जल्द पहचान के लिए किया जाएगा। इससे मरीजों का समय पर उपचार शुरू किया जा सकेगा।

प्रदेश के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में आधुनिक सीटी स्कैन सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी चमियाना, आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर और श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक में 256-स्लाइस हाई-एंड सीटी स्कैन मशीनें स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल एक्स-रे और 4डी अल्ट्रासाउंड मशीनें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी चिकित्सा उपकरणों की खरीद एम्स, नई दिल्ली के मानकों के अनुरूप की जाए। उन्होंने सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों के रेडियोलॉजी विभागों को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि आधुनिक उपकरणों और बेहतर व्यवस्था से मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ही उच्च स्तर की जांच और उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों, पैरामेडिकल कर्मचारियों और तकनीशियनों की भर्ती की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी सात सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की खरीद प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा