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हाथियों ने किसानों की धान व हरे चारे की फसलें की बर्बाद, भारतीय किसान यूनियन ने मांगा उचित मुआवजा

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नाहन, 26 सितंबर (हि.स.)। पांवटा साहिब के गांव बहराल व सातीवाला में हाथियों के झुंड ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। हाथियों ने किसान मदन लाल, ध्यान चंद, लालचंद, सुरेश पवार, नरेश पवार, रविकांत तथा ओम दत्त पुत्र स्वर्गीय गोपाल सिंह सहित अन्य किसानों के खेतों में लगी धान और हरे चारे की फसलों को बर्बाद कर दिया। फसल नुकसान का जायजा लेने के लिए मौके पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के अध्यक्ष जसविंदर सिंह बिलिंग, फॉरेस्ट विभाग के गार्ड प्रदीप कुमार, फॉरेस्ट विभाग के बीओ रामकरण, ग्राम पंचायत के उपप्रधान जगदीश चंद तथा बीडीसी सदस्य कश्मीर सिंह मौजूद रहे। उन्होंने प्रभावित किसानों के खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया और सरकार से किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की।

भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि पड़ोसी राज्यों उत्तराखंड और हरियाणा में जंगली जानवरों द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने पर किसानों को कथित तौर पर 15,000 से 25,000 रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा दिया जाता है। यूनियन ने हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब पड़ोसी राज्यों में किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा दिया जा सकता है, तो हिमाचल प्रदेश में भी प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।

जसविंदर सिंह बिलिंग ने कहा कि हाथियों द्वारा फसलों को पहुंचाए गए नुकसान से किसानों में भारी रोष है। सरकार को प्रभावित किसानों के नुकसान का जल्द आकलन करवाकर मुआवजे की राशि घोषित करनी चाहिए और किसानों को उचित मुआवजा उपलब्ध करवाना चाहिए।भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करते हुए प्रभावित किसानों को राहत प्रदान की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर