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शिमला में अवैध कब्जों और बदलती जनसांख्यिकी पर हिंदू संघर्ष समिति का विरोध, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

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शिमला, 22 मई (हि.स.)। राजधानी शिमला में अवैध कब्जों और बदलती जनसांख्यिकी को लेकर हिंदू संघर्ष समिति ने राज्यपाल कविंद्र गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। समिति ने आरोप लगाया है कि शहर में तहबाजारी माफिया सक्रिय है और एक विशेष वर्ग द्वारा सुनियोजित तरीके से स्थायी कब्जे किए जा रहे हैं। समिति ने मांग की कि तहबाजारी नीति में स्थानीय हिमाचलियों को प्राथमिकता दी जाए और अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।

समिति के संयोजक विजय शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनसांख्यिकी तेजी से बदल रही है, जो प्रदेश के हित में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिमला के लिफ्ट और माल रोड क्षेत्र में जब नगर निगम की टीम अवैध कब्जे हटाने पहुंची तो टीम को जान से मारने की धमकियां दी गईं। उनका कहना है कि कुछ लोग खुद को उत्तर प्रदेश का बताकर स्थानीय प्रशासन पर दबाव बनाने और डराने का प्रयास कर रहे हैं।

विजय शर्मा ने सवाल उठाया कि एक ही परिवार के कई सदस्यों को तहबाजारी लाइसेंस कैसे जारी किए गए। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों के पास हथियारों के लाइसेंस और लाखों रुपये की महंगी गाड़ियां होना भी जांच का विषय है। समिति ने मांग की कि विशेष वर्गों की संपत्तियों और शस्त्र लाइसेंसों की जांच करवाई जाए।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से अवैध कब्जों के मामलों में लोगों के हौसले बढ़ रहे हैं, वह देवभूमि हिमाचल की छवि के लिए ठीक नहीं है। समिति ने राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप कर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा