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पेंशनरों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रही सरकार : घनश्याम शर्मा

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पेंशनरों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रही सरकार : घनश्याम शर्मा


धर्मशाला, 23 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक जिला कांगड़ा के पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ का जिला सम्मेलन रविवार को धर्मशाला में आयोजित किया गया। सम्मेलन में भाजपा नेताओं ने प्रदेश सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनरों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा। राष्ट्रीय कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के राज्य संयोजक घनश्याम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार झूठे वादों के सहारे सत्ता में आई और अब उसके 45 महीने के कार्यकाल में कथनी और करनी का अंतर साफ दिखाई दे रहा है।

घनश्याम शर्मा ने कहा कि प्रदेश के पेंशनरों को अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेंशनरों के सचिवालय पहुंचने पर उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना ओपीएस सभी को देने, 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता और लंबित एरियर सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के 2017 से 2022 के कार्यकाल में पहली संयुक्त परामर्शदात्री समिति गठित कर कर्मचारियों की कई समस्याओं का समाधान किया गया था। एरियर का भुगतान और पेंशन संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए थे। घनश्याम शर्मा ने कहा कि वर्ष 2012 में हिमाचल के कर्मचारियों को 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर मिलने वाले अतिरिक्त लाभ की व्यवस्था थी। इसी तर्ज पर देशभर में व्यवस्था लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सांसद अनुराग ठाकुर से इस मामले को केंद्र के समक्ष उठाकर उचित कार्रवाई करवाने की मांग की।

इस दौरान पूर्व मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कार्यकाल में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया