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पांवटा साहिब में किसान संगठनों ने निकाली रैली, मतदाता सूची विवाद की जांच मांगी

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नाहन, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विवाद को लेकर पांवटा साहिब में विभिन्न किसान संगठनों ने शनिवार को केंद्र सरकार और निर्वाचन प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन किया। किसान संगठनों ने शहर में रैली निकाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मतदाता सूची से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल किसान नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे जाने से निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। किसान संगठनों ने मांग की कि नाम हटाने के मामलों की निष्पक्ष जांच कर कारण सार्वजनिक किए जाएं।

किसान संगठन के नेता आशीष कुमार ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि किसान, बागवान और युवा अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान और बागवान आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं, जबकि युवाओं के सामने रोजगार की समस्या बनी हुई है।

आशीष कुमार ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर कई बार आंदोलन और प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा कि सरकार को आम लोगों की परेशानियों और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान किसानों और बागवानों की आर्थिक स्थिति, खेती से जुड़ी चुनौतियों, महंगाई और युवाओं के रोजगार के मुद्दे भी उठाए गए। किसान नेताओं ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर किसानों को बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से कृषि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और युवाओं के भविष्य को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की।

किसान संगठनों ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े विवादों की जांच और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों पर तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जाए और किसानों-बागवानों की समस्याओं का भी समाधान किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर