पर्यावरण के प्रति सचेत समाज ही विकसित और समृद्ध हिमाचल का आधार: प्रो. ललित कुमार अवस्थी,
मंडी, 07 जून (हि.स.)। सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने स्वच्छ पहाड़, सुरक्षित हिमाचल अभियान के अंतर्गत 106 सदस्यीय दल का नेतृत्व करते हुए कमरूनाग पर्वत क्षेत्र में स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान में विश्वविद्यालय के सभी संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और क्षेत्र को स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाए रखने का संदेश दिया।
प्रतिभागियों ने रोहांडा से देव कमरूनाग ट्रेल तक स्वच्छता अभियान चलाते हुए मार्ग में फैले प्लास्टिक एवं अन्य
अपशिष्ट पदार्थों का संग्रहण किया तथा उनके उचित निस्तारण हेतु पृथक्करण भी किया।
प्रोफेसर अवस्थी ने बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव शशिपाल नेगी एच.पी.ए.एस. ने भी अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप अभियान की सफल एवं सुचारु रूप से योजना, क्रियान्वयन और संचालन सुनिश्चित हो सका।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान लगभग 55 किलोग्राम सूखा प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया, जिसे उचित निस्तारण हेतु नगर निगम मंडी को सौंप दिया गया। अभियान की एक विशेष उपलब्धि क्यू आर कोड आधारित स्वच्छ एवं हरित कमरूनाग संकल्प रही, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों, पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। इस अभिनव डिजिटल पहल को व्यापक सराहना मिली तथा अभियान के दौरान 124 डिजिटल संकल्प दर्ज किए गए।
इसके उपरांत कुलपति प्रो. अवस्थी ने कहा कि पर्यावरण के प्रति सचेत समाज ही विकसित और समृद्ध हिमाचल का आधार है। प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन को जन-आंदोलन का रूप देना समय की आवश्यकता है।
अभियान के संयोजक डॉ. हितेश ठाकुर, एसोसिएट डीन योजना एवं विकास ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने हेतु विश्वविद्यालय प्रशासन, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, शोधार्थियों तथा सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान पर्यावरणीय चेतना, जनभागीदारी तथा प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी सामाजिक उत्तरदायित्व एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करता रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

