जातिगत जनगणना के प्रारूप पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, प्रमाणित जाति सूची शामिल करने की मांग
शिमला, 06 सितंबर (हि.स.)। कांग्रेस ने जातिगत जनगणना के प्रारूप को दोषपूर्ण बताया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के स्थाई सदस्य व कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सलाहकार गुरदीप सिंह सप्पल ने रविवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि जनगणना में संख्या, आंकड़े और आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।
सप्पल ने प्रश्नावली रद्द कर तेलंगाना और बिहार की पद्धति के आधार पर नई प्रश्नावली तैयार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इसमें प्रमाणित जातियों की ड्रॉपडाउन सूची होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सवाल नंबर 10 में ओपन-एंडेड विकल्प रखा गया है। नागरिक जाति या उपजाति का नाम बताएगा और गणनाकार उसे उसी रूप में दर्ज करेगा। सप्पल के अनुसार एक ही जाति क्षेत्रों में अलग नाम से जानी जाती है। इससे एक ही जाति के कई नाम दर्ज होने से आंकड़ों में विसंगति हो सकती है।
सप्पल ने कहा कि प्रश्नावली में पिछड़ा वर्ग शब्द शामिल नहीं है। इससे ओबीसी और ईबीसी की आबादी का आकलन कठिन होगा। इसका असर आरक्षण, शिक्षा और रोजगार में हिस्सेदारी पर पड़ सकता है। आंकड़े नहीं होने से कौन-से समुदाय आरक्षण से वंचित हैं, यह पता नहीं चलेगा।
उन्होंने कहा कि एक जून की बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधिकारियों ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के पास ओबीसी जातियों की सूची साझा करने की बात कही। उन्होंने सवाल उठाया कि सूची होने के बावजूद उसे ड्रॉपडाउन में क्यों नहीं शामिल किया गया।
सप्पल ने कहा कि 21 सितंबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के हलफनामे में ड्रॉपडाउन सूची की जरूरत स्वीकार की गई थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस 2021 से मांग कर रही है। राहुल गांधी 2023 से यह मुद्दा उठा रहे हैं। मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने 20 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र भेजा था। खरगे ने 16 अप्रैल 2023 और 5 मई 2025 को भी पत्र लिखे थे। सप्पल के अनुसार 30 अप्रैल 2025 को केंद्र ने 2027 से जातिगत जनगणना कराने की घोषणा की। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में प्रक्रिया पहले से शुरू है। फरवरी 2027 से इसे देशभर में शुरू किया जाना है। कांग्रेस ने प्रारूप में सुधार की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

