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आपदा के समय जिम्मेदार पत्रकारिता की जरूरत, मीडिया पेशेवरों को दिया प्रशिक्षण

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आपदा के समय जिम्मेदार पत्रकारिता की जरूरत, मीडिया पेशेवरों को दिया प्रशिक्षण


शिमला, 06 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान लगातार सामने आ रही आपदाओं के बीच सही और प्रमाणिक सूचना लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता को देखते हुए हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए), राजस्व विभाग ने वीरवार को मीडिया पेशेवरों के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला का विषय आपदा के दौरान मीडिया संचार और सूचना प्रबंधन रहा। इसमें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, न्यूज़ एजेंसी व डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने भाग लिया।

कार्यशाला में इस बात पर जोर दिया गया कि आपदा के समय जिम्मेदार रिपोर्टिंग लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश सरकार में निदेशक-सह-विशेष सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) डॉ. पुष्पेंद्र राणा ने की। इस अवसर पर अतिरिक्त सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) निशांत ठाकुर और अतिरिक्त सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) सुनील वर्मा भी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सही समय पर सही जानकारी लोगों तक पहुंचना बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि मीडिया प्रशासन और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे समय में प्रमाणित जानकारी का प्रसार लोगों को सतर्क रहने और अफवाहों से बचने में मदद करता है।

कार्यशाला में आपदा संचार और सूचना प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों को हृदयेश जोशी और मयंक अग्रवाल ने संबोधित किया।

उन्होंने बताया कि आपदा के समय किसी भी सूचना को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसके तथ्यों की पुष्टि करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल आधिकारिक और प्रमाणित सूचनाओं को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही यह भी बताया गया कि अपुष्ट खबरें और भ्रामक सूचनाएं राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं और लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती हैं।

कार्यशाला के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें आपदा के समय मीडिया और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय, सूचना के आदान-प्रदान और प्रमाणिक जानकारी के प्रभावी प्रसार पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और सुझाव दिए कि संकट की घड़ी में सभी संबंधित एजेंसियों के बीच नियमित संवाद और समन्वय से लोगों तक विश्वसनीय जानकारी तेजी से पहुंचाई जा सकती है।

कार्यशाला में यह भी रेखांकित किया गया कि हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्य में भूस्खलन, बादल फटने, अचानक बाढ़ और भारी बारिश जैसी घटनाओं के दौरान मीडिया की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग, आधिकारिक सूचनाओं का प्रसार और अफवाहों पर रोक लगाने में मीडिया की सक्रिय भूमिका जनहित के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा