उप-प्रधान पद के लिए प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने में एफआईआर दर्ज
नाहन, 16 मई (हि.स.)।जिला सिरमौर की ग्राम पंचायत खालाक्यार में उप-प्रधान पद के चुनावों को लेकर माहौल पूरी तरह गरमा गया है। नाम वापसी के अंतिम दिन एक प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होने और उसके खिलाफ पुलिस थाना रेणुका जी में एफ.आई.आर. दर्ज होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रत्याशी का आरोप है कि चुनाव अधिकारी विपक्षी उम्मीदवारों के दबाव में आकर एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, बेडोन गांव के निवासी दलीप कुमार ने खालाक्यार पंचायत से उप-प्रधान पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। जांच के बाद ए.आर.ओ. अजय प्रकाश द्वारा उनके नामांकन को सही पाया गया और अंतिम सूची जारी कर उन्हें चुनाव चिन्ह तारा भी आवंटित कर दिया गया।
विवाद तब शुरू हुआ जब अचानक ए.आर.ओ. द्वारा उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया। इसके तुरंत बाद, ए.आर.ओ. अजय प्रकाश की शिकायत पर थाना रेणुका जी में प्रत्याशी दलीप कुमार के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित भारतीय न्याय संहिता और हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोग संख्या 28/26 दर्ज कर लिया गया।
पुलिस को दी शिकायत में चुनाव अधिकारी अजय प्रकाश ने आरोप लगाया है कि दोपहर करीब 2:38 बजे उम्मीदवार दलीप कुमार ने नामांकन वापस लेने की इच्छा जताई थी। जब उन्हें फाइल में लगा ‘प्रपत्र-22’ (नाम वापसी फॉर्म) दिखाया गया, तो वे उक्त सरकारी दस्तावेज को फाइल से छीनकर भाग गए। अधिकारी ने इसे सरकारी कार्य में बाधा बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला एक दस्तावेजी सबूत सामने आया है। दरअसल, ‘निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची’ यानी प्ररूप-24 (नियम 41(1)) की एक लाइव तस्वीर सामने आई है, जिस पर बकायदा 15 मई 2026 की तारीख और नीचे रिटर्निंग अधिकारी के हस्ताक्षर मौजूद हैं। इस फाइनल लिस्ट में क्रम संख्या-2 पर प्रत्याशी दलीप कुमार का नाम साफ लिखा है और उन्हें बकायदा तारा चुनाव चिन्ह आवंटित दिखाया गया है।
इस सरकारी दस्तावेज़ की जो डिजिटल तस्वीर सामने आई है, उसका टाइमस्टैम्प 15 मई 2026 शाम 4:47 बजे का है। अब यहाँ सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि नियमों के मुताबिक नाम वापसी का समय दोपहर 3:00 बजे ही खत्म हो चुका था, और शाम पौने पांच बजे अधिकारी खुद अपने दस्तखत वाली लिस्ट में दलीप कुमार को फाइनल कैंडिडेट घोषित कर रहे थे, तो फिर ए.आर.ओ. ने पुलिस में यह शिकायत कैसे दे दी कि दोपहर 2:38 मिनट पर ही दलीप कुमार फॉर्म छीनकर भाग गए थे? इस पक्के सबूत के बाद अब चुनाव अधिकारी के दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दूसरी ओर, प्रत्याशी दलीप कुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी सिरमौर और राज्य चुनाव आयोग को शिकायत पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। दलीप कुमार का कहना है कि मुझ पर और मेरे प्रस्तावक पर विपक्षी उम्मीदवारों द्वारा निर्विरोध चुनाव करवाने के लिए मानसिक और राजनैतिक दबाव बनाया जा रहा था।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

