पति की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई पत्नी,पहले अपने हाथों से पानी पिलाया, फिर चंद मिनटों बाद खुद भी त्याग दिए प्राण
नाहन, 12 अक्टूबर (हि.स.)। जिंदगी भर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाने वाले पति-पत्नी की विदाई भी ऐसी होगी, यह किसी ने नहीं सोचा था। जिस जीवनसाथी के साथ दशकों तक घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं, उसी के दुनिया से चले जाने की खबर ने पत्नी को ऐसा सदमा दिया कि चंद मिनटों के भीतर उसने भी प्राण त्याग दिए।
ये घटना जिला सिरमौर के संगड़ाह उपमंडल के लगनू गांव की है, जहां मांगा राम (78) उर्फ छोटू और उनकी पत्नी हरदेवी (70) की मौत से हर आंख नम है। रविवार शाम हुई इस घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। सोमवार को गिरि नदी के तट पर दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्र के लोग पहुंचे।
मांगा राम पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। रविवार शाम बीमारी के चलते अचानक ही उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी हरदेवी पूरी तरह स्वस्थ थीं और दिनभर घर के सामान्य कामकाज में लगी रहीं। परिवार के लिए यह किसी आम दिन की तरह ही था, लेकिन शाम होते-होते सब कुछ बदल गया। जैसे ही हरदेवी को पति के अचेत होने की सूचना मिली, वह दौड़ी-दौड़ी उनके पास पहुंचीं। उन्होंने अपने हाथों से पति को पानी भी पिलाया। उस समय उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस जीवनसाथी के साथ उन्होंने जीवन का लंबा सफर तय किया, वह अब उनके बीच नहीं रहेगा।
मौके पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने जब उन्हें बताया कि मांगा राम अब इस दुनिया में नहीं रहे, तो वह इसे बर्दाश्त नहीं कर सकीं और कुछ देर बाद जब वह शौचालय जाने के लिए कमरे से बाहर निकलीं, तो उन्हें चक्कर आया और उनकी भी मौके पर मौत हो गई। ये सबकुछ 10 से 15 मिनट के भीतर हुआ। पति की मौत के चंद मिनटों के भीतर पत्नी के भी दम तोड़ देने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मांगा राम और हरदेवी किसान परिवार से संबंध रखते थे। ग्रामीण परिवेश में परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए दोनों ने जीवन का लंबा सफर साथ तय किया। उम्र के इस पड़ाव पर भी हरदेवी घर के सामान्य कामकाज में सक्रिय थीं, जबकि मांगा राम पिछले कुछ समय से बीमारी से जूझ रहे थे। परिवार और गांव के लोगों के लिए दोनों का इस तरह बिछुड़ना गहरा आघात है। जिस घर में वर्षों से दोनों की मौजूदगी जीवन का हिस्सा रही, वहां कुछ ही मिनटों के भीतर दो लोगों की मौत ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया।
सोमवार को गिरि नदी के तट पर मांगा राम और हरदेवी का अंतिम संस्कार किया गया। दोनों की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने नम आंखों से दंपती को अंतिम विदाई दी।मांगा राम और हरदेवी अपने पीछे दो बेटों और तीन बेटियों सहित पोते-पोतियों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह क्षति ऐसी है, जिसकी भरपाई संभव नहीं। एक ही दिन में माता-पिता दोनों को खोने का दुख परिजनों के लिए जीवनभर की कसक बन गया है।
प्रधान तपेंद्र राणा ने बताया कि रविवार सांय मांगा राम उर्फ छोटू ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद उनकी पत्नी हरदेवी भी दुनिया छोड़ चली। उन्होंने बताया कि मांगा राम गत सप्ताह से बीमार थे, लेकिन उनकी पत्नी पूरी तरह स्वस्थ थीं। सोमवार को एक साथ गांव के शमशान घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

