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प्रदेश में प्राचीन जलस्रोतों, बावड़ियों, जल चश्मों को सरंक्षण करेगा प्रदेश जल बोर्ड

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प्रदेश में प्राचीन जलस्रोतों, बावड़ियों, जल चश्मों को सरंक्षण करेगा प्रदेश जल बोर्ड


नाहन, 14 अगस्त (हि.स.) ।प्रदेश सरकार राज्य को आत्म निर्भर बनाने के उद्देश्य से अनेक कार्यक्रमों पर कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य को लेकर अब सरकार प्रदेश में जल संरक्षण और नदी नालों, बावड़ियों आदि के दोहन को लेकर गंभीर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश जल बोर्ड उपाध्यक्ष शशि शर्मा और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को उत्तराखंड में जल संरक्षण विजिट पर भेजा गया और यह प्रतिनिधि मंडल वहां से जल संरक्षण की तकनीक सीख कर आए हैं और जल्द ही प्रदेश में नदी, उनकी सहायक नदियों के दोहन को लेकर एक रिपोर्ट तकनीकी अप्रूवल को भेज दी जाएगी और फिर उस पर कार्य किया जाएगा।

जल बोर्ड उपाध्यक्ष शशि शर्मा ने बताया कि जल संरक्षण को लेकर जल बोर्ड प्रयासरत है और प्रदेश के सभी जिलों में प्राचीन जलस्रोतों जैसे बावड़ियों आदि को आकर्षक बनाने और उनके सरंक्षण को लेकर विशेष योजना बनाकर उन्हे उपयोगी बनाया जाएगा। इसके इलावा भी प्रदेश की नदी, नालों के भी उचित प्रबंधन को लेकर उत्तराखंड की तर्ज पर कार्य किया जाएगा।

जल शक्ति विभाग सिरमौर के अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन ने बताया कि उत्तराखंड में नदियों, सहायक नदियों पर बहुत अच्छा प्रबंधन किया गया है। इसी मॉडल को लेकर अब प्रदेश में भी इस पर कार्य किया जाएगा और एक रिपोर्ट बनाकर तकनीकी स्वीकृति को भेजी जाएगी और उसके बाद इस पर कार्य किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर