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राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् पर कांग्रेस का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण : वीरेन्द्र कंवर

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राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् पर कांग्रेस का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण : वीरेन्द्र कंवर


ऊना, 22 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय वॉलीबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष, पूर्व मंत्री एवं हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेन्द्र कंवर ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस के रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कांग्रेस एक बार फिर देशहित और राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषय पर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है।

वीरेन्द्र कंवर ने शनिवार को एक बयान में कहा कि वर्ष 2026 में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में इसे राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक के रूप में सम्मानित किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने भी इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में कांग्रेस द्वारा वंदे मातरम् के पूर्ण गायन को लेकर आपत्ति जताना और अपनी पुरानी व्यवस्था के तहत केवल दो अंतरों तक सीमित रखने का निर्णय लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस कार्यसमिति ने बीते 19 अगस्त को पार्टी कार्यक्रमों में केवल पहले दो अंतरे गाने की अपनी पुरानी व्यवस्था को दोहराया है।

कंवर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन भी वंदे मातरम् को लेकर विवाद सामने आया, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और वहां राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़े विषयों पर राजनीतिक टकराव के बजाय गरिमा और सकारात्मक दृष्टिकोण दिखना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से तुष्टीकरण की राजनीति के चलते राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर भ्रम और विवाद की स्थिति पैदा करती रही है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम और करोड़ों भारतीयों की राष्ट्रीय भावना से जुड़ा गीत है। इसे राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रतीक के रूप में सम्मान दिया जाना चाहिए।

वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि देश की जनता अब सब कुछ देख और समझ रही है। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रभक्ति के विषयों पर राजनीति करने से देश की जनता के बीच उसकी स्थिति और कमजोर होगी। उन्होंने कहा कि भारत की जनता देश की एकता, अखंडता और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी और समय आने पर अपने मत के माध्यम से ऐसे रवैये का जवाब देगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला