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विजिलेंस की भाजपा विधायक सुधीर शर्मा से फिर पूछताछ, दस्तावेज देने के लिए मांगा और समय

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विजिलेंस की भाजपा विधायक सुधीर शर्मा से फिर पूछताछ, दस्तावेज देने के लिए मांगा और समय


शिमला, 21 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है और इसी बीच आय से अधिक संपत्ति के मामले में भाजपा विधायक एवं कांग्रेस की वीरभद्र सरकार में मंत्री रहे सुधीर शर्मा से विजिलेंस ने शुक्रवार को फिर पूछताछ की। सुधीर शर्मा शिमला स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवीएसीबी) के मुख्यालय पहुंचे। उनके साथ भाजपा के कई विधायक भी थे।

विजिलेंस के मुताबिक सुधीर शर्मा से उनकी आय, संपत्ति, निवेश, जमीन से जुड़े लेन-देन और जांच की अवधि में किए गए खर्च को लेकर सवाल पूछे गए। जांच टीम ने रक्कड़ स्थित उनके घर के निर्माण और उसमें हुए खर्च का पूरा ब्योरा भी मांगा। विजिलेंस का कहना है कि सुधीर शर्मा ने घर बनाने वाले ठेकेदारों के नाम और उनके बारे में जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। उन्हें संबंधित दस्तावेज और अन्य जानकारी देने के लिए और समय दिया गया है।

दो दिन बाद फिर विजिलेंस के सामने पहुंचे

यह दूसरी बार है जब सुधीर शर्मा को इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इससे पहले 19 अगस्त को वह धर्मशाला स्थित विजिलेंस के उत्तरी क्षेत्र कार्यालय में पेश हुए थे। वहां उनसे करीब दो घंटे तक पूछताछ हुई थी।

शुक्रवार को उन्हें आगे की पूछताछ के लिए शिमला मुख्यालय बुलाया गया। विजिलेंस ने कहा कि जांच के दौरान कुछ वित्तीय मामलों में दिए गए जवाबों में ऐसे स्पष्ट विवरण नहीं मिले, जिनका तुरंत स्वतंत्र रिकॉर्ड से मिलान किया जा सके।

जांच एजेंसी ने रक्कड़ स्थित आवास के निर्माण और सजावट से जुड़े खर्च का भी ब्योरा मांगा है। इसमें ठेकेदारों और सामान उपलब्ध कराने वालों के नाम, किए गए काम की जानकारी, उसकी कीमत, बिल, भुगतान की तारीख और तरीका तथा बैंक खातों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी शामिल है।

विजिलेंस के अनुसार सुधीर शर्मा से इन जानकारियों के समर्थन में दस्तावेज मांगे गए हैं। एजेंसी का कहना है कि दस्तावेज मिलने के बाद उनके बयानों की तुलना बैंक, आयकर, संपत्ति और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड से की जाएगी।

सुधीर शर्मा के साथ पहुंचे कई भाजपा विधायक

सुधीर शर्मा के विजिलेंस मुख्यालय पहुंचने के समय उनके साथ भाजपा के कई विधायक मौजूद रहे। इनमें सतपाल सिंह सत्ती, विपिन सिंह परमार, बलबीर वर्मा, डॉ. जनक राज, इंद्रदत्त लखनपाल, राकेश जम्वाल, त्रिलोक जम्वाल और आशीष शर्मा शामिल थे।

लोकेंद्र कुमार, दीप राज और पूर्ण चंद ठाकुर भी विजिलेंस मुख्यालय पहुंचे।

विजिलेंस कार्यालय के बाहर सुधीर शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह कानून और जांच प्रक्रिया का सम्मान करते हैं। उनके मुताबिक, जांच एजेंसी की ओर से जो जानकारी मांगी जा रही है, वह उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि पहले भी कई सवालों के जवाब और जानकारी दी जा चुकी है और आगे भी जांच में सहयोग किया जाएगा।

विधानसभा सत्र के बीच बुलाने पर उठाए सवाल

सुधीर शर्मा ने विधानसभा के मानसून सत्र के बीच उन्हें विजिलेंस मुख्यालय बुलाए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मामला धर्मशाला का है और इससे जुड़े दस्तावेज भी धर्मशाला में हैं। ऐसे में उन्हें शिमला बुलाने की जरूरत और इतनी जल्दी का कारण समझ में नहीं आता।

उन्होंने जांच की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष के एक विधायक को इस तरह जांच में बुलाना राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश हो सकती है।

'जांच से डर नहीं, तथ्य सामने आएंगे'

सुधीर शर्मा ने कहा कि उन्हें जांच से डर नहीं है और उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि वह हर सवाल का जवाब दस्तावेज और तथ्यों के आधार पर देंगे।

उन्होंने सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश लंबे समय तक नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक विधानसभा के अंदर और बाहर जनता से जुड़े मुद्दे उठाते रहेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा