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वीबी–जी रैम जी के तहत हिमाचल के ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी में 21 प्रतिशत से अधिक की ऐतिहासिक बढ़ोतरी : अनुराग ठाकुर

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वीबी–जी रैम जी के तहत हिमाचल के ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी में 21 प्रतिशत से अधिक की ऐतिहासिक बढ़ोतरी : अनुराग ठाकुर


हमीरपुर, 02 जुलाई (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी–जी रैम जी) अधिनियम, 2025 के अंतर्गत 1 जुलाई 2026 से संशोधित मजदूरी दरों को लागू किए जाने का स्वागत करते हुए इसे हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक निर्णय बताया है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में गैर-अनुसूचित क्षेत्रों के लिए दैनिक मजदूरी 247 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये तथा अनुसूचित क्षेत्रों के लिए 309 रुपये से बढ़ाकर 375 रुपये कर दी गई है। यह क्रमशः लगभग 21.5 प्रतिशत एवं 21.3 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों के लाखों ग्रामीण श्रमिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

अनुराग बोले कि इस वेतन वृद्धि से हिमाचल प्रदेश के हजारों ग्रामीण श्रमिकों की आय में सीधा इज़ाफा होगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और स्थानीय बाजारों में क्रय शक्ति बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में 300 रुपये प्रतिदिन की अंतरिम आधार मजदूरी सुनिश्चित करना तथा अपेक्षाकृत कम मजदूरी वाले राज्यों को प्राथमिकता देना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब कल्याण, अंत्योदय और विकसित भारत के संकल्प का सशक्त उदाहरण है। अनुसूचित एवं गैर-अनुसूचित दोनों क्षेत्रों में बढ़ी हुई मजदूरी ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी और प्रदेश के समावेशी एवं सतत विकास को नई दिशा देगी।

उन्होंने कहा कि वीबी–जी रैम जी अधिनियम केवल मजदूरी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में एक गुणात्मक परिवर्तन लेकर आया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पूर्ववर्ती मनरेगा की तुलना में अधिक प्रभावी, व्यापक और परिणामोन्मुख है। इस योजना के तहत न केवल राष्ट्रीय औसत मजदूरी में वृद्धि सुनिश्चित की गई है, बल्कि प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी भी दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे तथा गरीब परिवारों की आय अधिक स्थिर और सुरक्षित बनेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल राणा