यूट्रस कैंसर से बचाव को हरोली तैयार, 14-15 साल की बच्चियों की होगी वैक्सीनेशन
ऊना, 27 मार्च (हि.स.)। महिलाओं में बच्चेदानी के कैंसर को खत्म करने के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए एचपीवी टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग हरोली जोरशोर से डट गया है। स्वास्थ्य खंड हरोली में इसके लिए सात सेंटर बनाएं गए हैं। तीन चरणों में चलने वाले इस अभियान का फोकस विशेषकर 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं पर है। जिसके तहत इन बच्चियों को सर्वाइकल (बच्चेदानी के मुंह) कैंसर से बचाव हेतु एचपीवी वैक्सीनेशन किया जाएगा । इस संबंध में बीएमओ हरोली डॉ. शिंगारा सिंह ने सभी पीएचसी व सीएचसी के चिकित्सकों के साथ शुक्रवार को वर्चुअल बैठक कर तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
डॉ. शिंगारा सिंह ने स्वास्थ्य संस्थानों से फीडबैक लेते हुए निर्देश दिए कि लक्षित आयु वर्ग की सभी बालिकाओं की पहचान कर समयबद्ध तरीके से टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अभिभावकों को जागरूक करने और किसी भी प्रकार की भ्रांतियों को दूर करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत सात सेंटर निर्धारित किए गए हैं, जिनमें पीएचसी पंजावर, सीएचसी भदसाली, पीएचसी बढ़ेड़ा, सीएच हरोली, पीएचसी बाथडी, सीएचसी कुंगड़त और सीएचसी दुलेहड़ शामिल हैं। इन केंद्रों पर टीकाकरण 29 मार्च, 5 अप्रैल और 12 अप्रैल को किया जाएगा।
डॉ. शिंगारा सिंह ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन बच्चेदानी के मुंह के कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) सहित अन्य संबंधित रोगों से बचाव में प्रभावी है। समय पर टीकाकरण से भविष्य में होने वाले गंभीर खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14–15 वर्ष की बेटियों को निर्धारित तिथियों पर नजदीकी केंद्र में ले जाकर टीकाकरण अवश्य करवाएं, ताकि उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने बताया कि ये टीकाकरण को नया नही है बल्कि 2006 से ये वैक्सीनेशन महिलाओं को लग रही है। इस बार सरकार इसे 14 से 15 साल की बच्चियों को निःशुल्क लगाने का सराहनीय कदम उठाया है ताकि ये बच्चियां इस गंभीर बीमारी की चपेट में आने से बच सके।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल

