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स्कूल का पहला दिन बना आखिरी दिन, अपने ही स्कूल की बस नीचे कुचली गई दो बहनें, एक की मौत

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ऊना, 09 मार्च (हि.स.)। ऊना जिला के रैंसरी गांव में हुए दर्दनाक हादसे ने हर किसी की आंखें नम कर दीं हैं। चार वर्षीय मासूम आश्वी के लिए सोमवार का दिन उसके जीवन का पहला स्कूल-डे था, लेकिन किसे पता था कि यह दिन उसकी जिंदगी का आखिरी दिन बन जाएगा। परिजनों के अनुसार आश्वी सुबह स्कूल जाने से पहले अपनी मां से बार-बार कह रही थी कि ’मम्मी आज मुझे स्कूल मत भेजो, मुझे बुखार है। मासूम की यह जिद अब परिवार के दिलों को चीर रही है। मां ने सोचा कि शायद बच्ची स्कूल जाने से हिचक रही है, इसलिए उसे समझाकर स्कूल भेज दिया।

लेकिन कुछ ही देर बाद गांव में वह खबर पहुंची जिसने पूरे परिवार को तोडक़र रख दिया। स्कूल बस की चपेट में आने से आश्वी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया और बाद में पीजीआई रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया। हादसे में उसकी बड़ी बहन छह वर्षीय प्रिशा भी घायल हुई है, जिसकी टांग फ्रैक्चर है और उसका उपचार क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में चल रहा है।

आश्वी के पिता सुशील शर्मा और परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं। जिस घर में सुबह बच्ची के पहले स्कूल-डे की तैयारियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। गांव में भी इस हादसे के बाद शोक की लहर है और हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर इतनी छोटी बच्ची के साथ ऐसा हादसा कैसे हो गया। मासूम आश्वी का पहला स्कूल-डे उसके जीवन का आखिरी दिन बन गया और मां से कही उसकी अंतिम बात अब हमेशा परिवार के दिलों में गूंजती रहेगी। आश्वी के पिता सुशील शर्मा वेटर्नरी विभाग में फार्मासिस्ट है।

बता दें कि सोमवार को रैंसरी गांव की दो बहनें जब अपने स्कूल से वापिस घर लौटी तो बस चालक ने बिना पीछे देखे बस को बैक कर दिया। जिसकी चपेट में दोनों मासूम बहनें आ गई, जिसमें छोटी बहन की मौत हो गई। जबकि बड़ी बहन क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में उपचाराधीन है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल