पांच घंटे बाद मां के दर्शन, चिंतपूर्णी में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, सुगम दर्शन प्रणाली हुई बंद
ऊना, 12 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी जी के दरबार में रविवार को भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालु लाइन में लगकर मां के दर्शनों को जाते रहे। रविवार को छुट्टी होने के कारण काफी भीड़ देखी गई एक अनुमान के मुताबिक शाम तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां की पावन पवित्र पिंडी के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ होने के कारण सड़क मार्ग पूरी तरह खचाखच भरा रहा। दोपहर 12 बजे तक श्रद्धालुओं की डबल लाइन लुधियाना धर्मशाला तक जा पहुंची।
पंजाब व अन्य राज्यों में शनिवार, रविवार व बैसाखी की छुट्टियां होने के कारण हिमाचल के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है जिसका प्रमाण माता श्री चिंतपूर्णी जी के दरबार में भी देखने को मिला। भीड़ को नियंत्रण, लाइन व सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलने के लिए मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मचारी को काफी पसीना बहाना पड़ा। सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा गेट नंबर एक से लेकर पुराना बस स्टैंड तक रस्सी वी बैरीगेट लगाकर श्रद्धालुओं को लाइन व्यवस्था के तहत जाने की अपील की गई तो वहीं दूसरी तरफ गेट नंबर दो में सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा वेरी गेट लगाकर लाइन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया गया।
मंदिर परिसर में भी श्रद्धालुओं की लाइन को सुचारू रूप से चलने के लिए रस्सी लगाकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि मंदिर परिसर में भी अत्यधिक भीड़ स्थिति ना हो सके। लाइन में लगे हुए श्रद्धालुओं को मां के दरबार पहुंचने तक 4 से 5 घंटे लग रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ सुगम दर्शन प्रणाली काउंटर में भी श्रद्धालुओं का काफी जमावड़ा रहा। सुबह से ही श्रद्धालु पास बनाने को लेकर लाइन में लग रहे। डबल लाइन को बढ़ते देखकर सुगम दर्शन प्रणाली के पास काउंटर को कुछ देर के लिए बंद करना पड़ा ताकि लाइन में लगे हुए श्रद्धालुओं को समय अवधि तक मां के दर्शन प्राप्त हो सके।
इस संबंध में मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है और मंदिर प्रशासन के दिशा निर्देशों अनुसार ही श्रद्धालुओं को बनाए गए नियमों का पालन ओर दर्शन करने की अपील की जा रही है। शाम तक लगभग 20 हजार श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल

