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दीक्षांत अंत नही बल्कि नई शुरूआतः राज्यपाल, आईआईआईटी उना के 206 विद्यार्थियों को बांटी डिग्रियां

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दीक्षांत अंत नही बल्कि नई शुरूआतः राज्यपाल, आईआईआईटी उना के 206 विद्यार्थियों को बांटी डिग्रियां


ऊना, 03 सितंबर (हि.स.)। दीक्षांत समारोह अंत नहीं, बल्कि आशा और नई जिम्मेदारियों से भरी एक नई यात्रा की शुरुआत है। एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग की तेजी से बदलती दुनिया में प्रौद्योगिकी का उद्देश्य वास्तविक जीवन की समस्याओं और नवीन समाधानों के बीच की दूरी को पाटना होना चाहिए। ये बात हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कला संग्रहालय समूर में आईआईआईटी उना द्वारा गुरूवार को आयोजित आठवें दीक्षांत समारोह के मेधाविओ को संबोधित करते हुए कही।

इस दौरान राज्यपाल ने आईआईआईटी ऊना के 206 युवा प्रौद्योगिकीविदों को उनकी डिग्रियां प्रदान करके सम्मानित किया। उन्होंने स्नातकों से जिम्मेदार पेशेवर बनने तथा संस्थान से हिमाचल प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी विकसित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा आपकी डिग्री आपकी मंजिल नहीं है यह आपकी यात्रा की नींव है। स्नातक अपने साथ माता-पिता का विश्वास, शिक्षकों की अपेक्षाएँ और राष्ट्र की आशाएँ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। वहीं कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में मौजूद पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वर्तमान सासंद अनुराग सिंह ठाकुर ने स्नातकों को भारत का भविष्य बताते हुए कहा कि दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि सीखने, नवाचार और उद्यमिता की आजीवन यात्रा की शुरुआत है।

उन्होंने युवाओं से चुनौतियों का साहस और दृढ़ता के साथ सामना करने, उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने तथा समाज की सेवा और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में योगदान देने का आह्वान किया।

राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने स्नातकों से रोजगार पाने के साथ-साथ रोजगार सृजक बनने और कृषि, आपदा प्रबंधन तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों के विकास में प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी की दुनिया में निरंतर सीखते रहने पर जोर देते हुए कहा कि व्यावसायिक सफलता के साथ चरित्र, राष्ट्रीय अखंडता और सबसे बढ़कर एक अच्छा इंसान बनने की प्रतिबद्धता भी आवश्यक है।

संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने पिछले एक वर्ष में आईआईआईटी ऊना की प्रगति का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया तथा अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित किया। इन उपलब्धियों की झलक 206 विद्यार्थियोंकृ189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. (सीएसईदृडेटा साइंस)कृके स्नातक होने में भी दिखाई दी, जिनमें संस्थान के एम.टेक. सीएसई (डेटा साइंस) के प्रथम बैच के विद्यार्थी शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल