चिट्टे को लेकर डीजीपी का छात्रों से संवाद, बोले एकजुट होकर करेंगे इस बुराई का अंत
ऊना, 15 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश पुलिस की ओर से मंगलवार को राजकीय महाविद्यालय ऊना में विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रहे एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के तहत किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को चिट्टे एवं अन्य नशों के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिमाचल पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि चिट्टे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें युवाओं, शिक्षकों, अभिभावकों और पूरे समाज की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे केवल नशे के खिलाफ संदेश सुनने वाले दर्शक न बनें, बल्कि अपने कॉलेज, मित्रों और समाज में जागरूकता फैलाने वाले सक्रिय सहभागी बनें। हम सभी एकजुट होकर इस बुराई का अंत कर सकते हैं। विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान ड्रग्स, चिट्टा, साइबर क्राइम और युवाओं को प्रभावित करने वाले नए खतरों पर विस्तार से चर्चा की गई। डीजीपी ने सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए होने वाले अपराधों के प्रति सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने की अपील की।
इस दौरान विद्यार्थियों ने नशे की ओर युवाओं के बढ़ते आकर्षण से जुड़े सवाल भी पूछे। चर्चा में बताया गया कि नए अनुभव की चाह और जैसी प्रवृत्तियां युवाओं को जोखिम भरे फैसलों की ओर ले जा सकती हैं। विद्यार्थियों को समझाया गया कि नशे से मिलने वाला अस्थायी ‘हाई’ वास्तविक खुशी या सफलता नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे निर्भरता और जीवन पर नियंत्रण खोने का कारण बन सकता है।
कार्यक्रम में कमांडेंट आकृति ने भी विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें नशे से दूर रहने और अपने आसपास के युवाओं के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। लेडी कांस्टेबल निकिता ने युवा-केंद्रित एवं सहज अंदाज में विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यदि कोई मित्र नशे की गिरफ्त में जा रहा है तो उसका मजाक उड़ाने या उसे बदनाम करने के बजाय उसकी मदद करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने दोस्तों का ध्यान रखने तथा चिट्टा बेचने वालों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने का आग्रह किया।
विद्यार्थियों को आपात स्थिति अथवा पुलिस सहायता के लिए 112 का उपयोग करने तथा हिमाचल प्रदेश पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों से जुड़े रहने की जानकारी भी दी गई। ऊना कॉलेज में पहुंचने पर प्राचार्या डॉ. मीता शर्मा ने डीजीपी का स्वागत किया।
हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल

