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चिंतपूर्णी श्रावण मेले में ट्रैफिक प्लान लागू, 13 से 21 अगस्त तक मंदिर क्षेत्र में वाहनों की नो-एंट्री

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चिंतपूर्णी श्रावण मेले में ट्रैफिक प्लान लागू, 13 से 21 अगस्त तक मंदिर क्षेत्र में वाहनों की नो-एंट्री


ऊना, 11 अगस्त (हि.स.)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर में 13 से 21 अगस्त तक आयोजित होने वाले श्रावण मेले को लेकर प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए मंदिर क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी रहेगी, जबकि भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया गया है।

उप-मंडलीय दंडाधिकारी अंब पारस अग्रवाल ने हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 112(1) के तहत यह आदेश जारी किया है। इसके तहत चिंतपूर्णी बस स्टैंड के पास मुख्य बैरियर, शंभू बैरियर और समनोली बैरियर से आगे मंदिर की ओर किसी भी सामान्य वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी।

आपातकालीन सेवाओं से जुड़े एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड वाहनों के अलावा प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रशासन के वाहनों को प्रवेश की अनुमति रहेगी। प्रोटोकॉल के तहत अधिकृत वीआईपी वाहनों को भी अनुमति दी जाएगी। मंदिर क्षेत्र के होटलों में ठहरने वाले पर्यटकों के वाहनों को होटल की ओर से पूर्व सूचना दिए जाने पर रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक प्रवेश की अनुमति होगी।

वार्ड नंबर-2 के स्थानीय निवासियों को नायब तहसीलदार भरवाईं की ओर से जारी वैध पास के आधार पर प्रवेश मिलेगा। बाजार में सामान की आपूर्ति करने वाले जीप/यूटिलिटी वाहनों को भी रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा। वहीं पेयजल आपूर्ति करने वाले वाटर टैंकरों की आवाजाही का समय रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक निर्धारित किया गया है।

होशियारपुर की ओर से आने वाले ऐसे भारी वाहन जिन्हें चिंतपूर्णी या भरवाईं नहीं जाना है, उन्हें मुबारिकपुर-अंब-कलोहा-नेहरनपुखर-नादौन मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा। इन वाहनों को मुबारिकपुर-भरवाईं-ढलियारा मार्ग से जाने की अनुमति नहीं होगी।

मेले के दौरान चिंतपूर्णी की अस्पताल रोड को नो-पार्किंग जोन घोषित किया गया है। यहां सड़क किनारे वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा तथा जरूरत पड़ने पर वाहनों को जब्त कर हटाया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ट्रैफिक आदेशों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों, होटल संचालकों अथवा स्थानीय निवासियों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम की धारा 115 के तहत कार्रवाई की जाएगी। भीड़ और परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन को किसी भी समय जारी पास या प्रवेश की छूट को बिना पूर्व सूचना के रद्द अथवा निलंबित करने का अधिकार भी रहेगा।

एसडीएम अंब पारस अग्रवाल ने वाहन चालकों, होटल संचालकों, स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले के दौरान पुलिस एवं प्रशासन की ओर से लगाए गए बैरियर, नो-पार्किंग व्यवस्था और रूट डायवर्जन का पालन करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी लोग प्रशासन का सहयोग करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकास कौंडल