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ट्राउट फार्म जंजैहली के संरक्षण के लिए क्रेट वॉल व वैकल्पिक जलस्रोत बनाने का सुझाव

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ट्राउट फार्म जंजैहली के संरक्षण के लिए क्रेट वॉल व वैकल्पिक जलस्रोत बनाने का सुझाव


मंडी, 26 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के निदेशक - सह - मत्स्य संरक्षक ओम कांत ठाकुर ने पवन कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक मत्स्य एवं पशुधन तथा पूंजीगत परिसंपत्तियों को हुए नुक्सान के आकलन हेतु गठित आकलन समिति के अध्यक्ष, एवं समिति के अन्य सदस्यों के साथ ट्राउट फार्म जंजैहली का दौरा किया। इस दौरान फार्म की वर्तमान स्थिति तथा इसके आधारभूत ढांचे एवं पूंजीगत परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का मौके पर जायजा लिया गया। दौरे के दौरान समिति द्वारा ट्राउट फार्म के विभिन्न घटकों, जिसमें जलापूर्ति प्रणाली, रियरिंग अवसंरचना तथा अन्य परिसंपत्तियां शामिल हैं, का निरीक्षण किया गया। समिति ने फार्म को हुए नुक्सान का भी आकलन किया तथा फार्म के संचालन में आ रही कठिनाइयों के संबंध में संबंधित फील्ड स्टाफ से जानकारी प्राप्त की ।

मौके की स्थिति का जायजा लेने के उपरांत निदेशक-सह-मत्स्य संरक्षक ने फार्म के संरक्षण एवं पुनरुद्धार के लिए कई ठोस एवं व्यावहारिक उपाय सुझाए। उन्होंने फार्म परिसर को बाखली खड्ड के कटाव एवं तेज बहाव से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए खड्ड के किनारे क्रेट वॉल का निर्माण करने का सुझाव दिया, ताकि भारी वर्षा एवं अचानक आने वाली बाढ़ के दौरान फार्म की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने फार्म में ट्राउट पालन एवं अन्य गतिविधियों के लिए विश्वसनीय एवं निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु वैकल्पिक जल स्रोत विकसित करने का भी सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त, फार्म की कार्यक्षमता बहाल करने के लिए आवश्यक लघु मरम्मत एवं रखरखाव कार्य करवाने पर भी जोर दिया। निदेशक-सह-मत्स्य संरक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुझाए गए उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने हेतु आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाए तथा आवश्यक सुरक्षा,जलापूर्ति एवं मरम्मत कार्यों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विस्तृत प्राक्कलन एवं प्रस्ताव तैयार किए जाएं। इस दौरे का उद्देश्य ट्राउट फार्म जंजैहली के पुनर्स्थापन, संरक्षण एवं पुनरुद्धार के लिए तात्कालिक एवं दीर्घकालीन उपायों की पहचान करना था, ताकि फार्म को पुनः अपनी इष्टतम कार्यक्षमता में लाया जा सके तथा क्षेत्र में ट्राउट उत्पादन को सुदृढ़ किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा