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इस साल जुलाई तक हिमाचल पहुंचे 1.06 करोड़ पर्यटक, पिछले साल 3.11 करोड़ ने किया था दौरा

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इस साल जुलाई तक हिमाचल पहुंचे 1.06 करोड़ पर्यटक, पिछले साल 3.11 करोड़ ने किया था दौरा


शिमला, 23 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन का कारोबार लगातार बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों पर टिका हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर तक प्रदेश में 3.11 करोड़ पर्यटक पहुंचे थे। इनमें 1.66 करोड़ धार्मिक पर्यटक शामिल थे। वर्ष 2026 में जुलाई तक ही 1.06 करोड़ पर्यटक हिमाचल का दौरा कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह आंकड़ा रविवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) के 56वें वार्षिक सम्मेलन में साझा किया। उन्होंने देशभर के होटल कारोबारियों, ट्रैवल एजेंटों और टूर ऑपरेटरों से हिमाचल के नए और कम चर्चित पर्यटन स्थलों को अपने टूर पैकेज में शामिल करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटकों की पसंद में बदलाव आ रहा है। अब बड़ी संख्या में लोग केवल प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की सैर करने के बजाय शांति, प्रकृति, स्थानीय संस्कृति, खान-पान, स्वास्थ्य और गांवों की जीवनशैली का अनुभव करना चाहते हैं। हिमाचल में इस तरह के पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की शांत और सुरक्षित घाटियां, साफ हवा, प्राकृतिक जलस्रोत, बर्फ से ढके पहाड़, जंगल और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर्यटकों को अलग अनुभव दे सकते हैं। सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल संपर्क में सुधार से कई दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच भी बेहतर हुई है। सरकार अनुभव आधारित पर्यटन के साथ कारवां और सप्ताहांत पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है। ग्रामीण पर्यटन के लिए होमस्टे योजना और होम स्टे नियम, 2025 लागू किए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।

पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके आसपास एयरोसिटी विकसित करने की योजना है। कांगड़ा को प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। सरकार ने हर जिला मुख्यालय में या उसके आसपास हेलीपोर्ट विकसित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार इससे पर्यटकों की आवाजाही आसान होने के साथ आपदा प्रबंधन, आपात चिकित्सा सेवाओं और दूरदराज के इलाकों तक पहुंच में भी मदद मिलेगी। सरकार महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘शी ट्रैवल’ नीति तैयार कर रही है। महिलाओं को होमस्टे, स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और पर्यटन से जुड़े स्टार्टअप के जरिए रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। हिमाचल में ट्रैकिंग, स्कीइंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, पर्वतारोहण, कैंपिंग, माउंटेन साइकिलिंग और जल क्रीड़ाओं जैसे साहसिक पर्यटन की भी बड़ी संभावनाएं हैं। बीड़-बिलिंग ने पैराग्लाइडिंग के क्षेत्र में राज्य को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण और स्थानीय विरासत की सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार टिकाऊ और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, जिससे पर्यटन से होने वाला आर्थिक लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव नियंत्रित रहे। राज्य में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन भी महत्वपूर्ण है। प्रमुख शक्तिपीठ, ऐतिहासिक मंदिर, बौद्ध मठ और गुरुद्वारे देश-विदेश से श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। सुक्खू ने होटल और हॉस्पिटैलिटी उद्योग, ट्रैवल एजेंटों, टूर ऑपरेटरों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों से सरकार के साथ मिलकर नए पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा