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मैक्लोडगंज में मंगलवार को मनाई जाएगी तिब्बती राष्ट्रीय विद्रोह दिवस की 67वीं वर्षगांठ

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धर्मशाला, 09 मार्च (हि.स.)। तिब्बती राष्ट्रीय विद्रोह दिवस की 67वीं वर्षगांठ मंगलवार को मैक्लोडगंज में मनाई जाएगी। तिब्बती केंद्रीय प्रशासन (सीटीए) द्वारा हर वर्ष की भांति इस बार भी 10 मार्च को सुबह तिब्बती राष्ट्रीय विद्रोह दिवस का आयोजन किया जा रहा है। सीटीए के प्रवक्ता तेंजिन जिग्मे ने बताया कि मंगलवार सुबह 9 बजे मैक्लोडगंज स्थित मुख्य बौद्ध मठ चुगलाखांग के प्रांगण में तिब्बती राष्ट्रीय विद्रोह की 67वीं वर्षगांठ का आधिकारिक स्मरणोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जर्मनी के संसद सदस्य और संसदीय राज्य सचिव माइकल ब्रांड, यूरोपीय संसद के पूर्व अध्यक्ष हंस-गर्ट पोटरिंग, चेक सीनेट के उपाध्यक्ष जिरी ओबेरफाल्जर और लातविया के संसद सदस्य ज्यूरिस विलम्स सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के समापन के बाद प्रतिनिधिमंडल मीडिया को भी संबोधित करेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में तिब्बती समुदाय और विदेशी मैक्लोडगंज से लेकर धर्मशाला तक रोष रैली भी निकालेंगे।

गौरतलब है कि तिब्बत पर चीन के कब्जे के बाद 10 मार्च 1959 को तिब्बत की राजधानी ल्हासा में प्रदर्शन कर रहे हजारों तिब्बतियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। इसके अलावा हजारों तिब्बतियों को चीन सरकार ने जेलों में कैद कर दिया और उनके साथ कई तरह के उत्पीड़न किए गए। इस प्रदर्शन में जान गंवाने वाले तिब्बतियों और उत्पीड़न सहन करने वालों की याद में ही हर वर्ष भारत सहित विदेशों में रह रहे तिब्बती समुदाय के लोग 10 मार्च को राष्ट्रीय तिब्बती विद्रोह दिवस का आयोजन करते हैं।

इस दौरान निर्वासित तिब्बती सरकार के मुख्यालय धर्मशाला में एक बड़ी रोष रैली और विरोध प्रदर्शन के जरिये चीन सरकार के खिलाफ समुदाय के लोग अपना गुस्सा जाहिर करते हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी तिब्बत में चीन के शासन में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन के प्रति चीन लर दबाव बनाने की मांग की जाती है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया