प्राथमिक शिक्षकों के आंदोलन पर शिक्षा निदेशालय सख्त, 13 शिक्षकों को नोटिस
शिमला, 08 नवंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध में आंदोलन कर रहे प्राथमिक शिक्षकों और शिक्षा निदेशालय के बीच टकराव बढ़ गया है। शिक्षा निदेशालय ने हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों को तत्काल प्रदर्शन समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। निदेशालय ने 13 शिक्षकों सहित संघ के सभी जिला अध्यक्षों को नोटिस जारी किए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम के विरोध में कई दिनों से शिक्षा निदेशालय के बाहर क्रमिक अनशन कर रहे हैं। निदेशालय ने इस आंदोलन को केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 और बच्चों के निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के खिलाफ बताया है। निदेशालय के अनुसार प्रदर्शन में प्रतिदिन पांच से दस शिक्षक शामिल हो रहे हैं। इससे छह से 14 वर्ष की आयु के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। निदेशालय ने कहा है कि सरकारी कर्मचारियों को सेवा और सरकारी नीतियों से जुड़े मामलों में प्रदर्शन या हड़ताल करने की अनुमति नहीं है। नियम सात कर्मचारियों को ऐसे प्रदर्शनों में भाग लेने से रोकता है, जबकि नियम नौ सरकार की नीतियों और कार्यों की सार्वजनिक आलोचना करने से संबंधित है।
निदेशालय का कहना है कि स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम का उद्देश्य स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। इस व्यवस्था को लेकर गठित समिति संघ के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत कर चुकी है। इन बैठकों में शिक्षकों को बताया गया है कि नई प्रणाली से किसी भी श्रेणी के शिक्षक की पदोन्नति के अवसरों पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। व्यवस्था के सभी प्रावधानों को भी विस्तार से समझाया गया है। इसके बावजूद संघ के प्रतिनिधि अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। निदेशालय ने सभी संबंधित शिक्षकों को आंदोलन समाप्त करने और सरकारी नीतियों के खिलाफ सार्वजनिक प्रदर्शन से दूर रहने को कहा है। आदेशों की अवहेलना को गंभीर कदाचार मानते हुए बिना किसी और सूचना के अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इस बीच प्राथमिक शिक्षक संघ ने 15 नवंबर को धर्मशाला में भी सार्वजनिक आंदोलन करने की घोषणा की है। शिक्षा निदेशालय ने इस प्रस्तावित आंदोलन पर भी रोक लगाई है। निदेशालय के अनुसार, समिति की ओर से सभी जायज शिकायतों का समाधान निकालने के प्रयास किए गए हैं। शिक्षकों को पदोन्नति पर किसी तरह का प्रतिकूल असर नहीं पड़ने का आश्वासन भी दिया गया है। इसके बावजूद आंदोलन जारी रखने की घोषणा को निदेशालय ने उचित नहीं माना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

