‘वंदे मातरम्’ के दो छंदों के फैसले पर सुरेश कश्यप का कांग्रेस पर हमला
नाहन, 22 अगस्त (हि.स.)। शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप ने शनिवार को नाहन स्थित अपने कार्यालय में जन समस्याएं सुनीं। जिला के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने सांसद के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। कश्यप ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित मामलों में समाधान का आश्वासन दिया।
इसके बाद मीडिया से बातचीत में सांसद सुरेश कश्यप ने ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो छंदों के गायन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है और कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो छंद गाने का निर्णय इसी मानसिकता को दर्शाता है।
कश्यप ने कहा कि कांग्रेस ने 1937 में मुस्लिम लीग के दबाव में राष्ट्रगीत के केवल दो छंद गाने पर सहमति जताई थी और आज भी उसी रुख पर कायम है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रगीत है और इसके सम्मान को लेकर किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे संविधान की प्रति लेकर चलते हैं, लेकिन दूसरी ओर संसद की व्यवस्थाओं और निर्णयों का पालन नहीं कर रहे हैं। कश्यप ने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या पार्टी और उसकी कांग्रेस कार्यसमिति देश के संविधान और संसद से ऊपर हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए सांसद ने कहा कि विधानसभा एक गरिमामयी संवैधानिक संस्था है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने संविधान की शपथ और संसदीय मर्यादाओं को दरकिनार कर पार्टी की कार्यसमिति के राजनीतिक निर्णय को प्राथमिकता दी।कश्यप ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और संसदीय परंपराओं का सम्मान सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषय पर कांग्रेस का रवैया देश की राष्ट्रीय भावना के प्रति उसके दृष्टिकोण को उजागर करता है।
हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

