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कारगिल विजय दिवस: स्वास्थ्य मंत्री शांडिल ने वीर नारियों, शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों को किया सम्मानित

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कारगिल विजय दिवस: स्वास्थ्य मंत्री शांडिल ने वीर नारियों, शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों को किया सम्मानित


कारगिल विजय दिवस: स्वास्थ्य मंत्री शांडिल ने वीर नारियों, शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों को किया सम्मानित


मंडी, 26 जुलाई (हि.स.)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता व सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मंडी जिला के टिहरा में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने वीर नारियों, शहीदों के परिजनों एवं वीर सैनिकों को सम्मानित किया और देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की स्मृति में लगभग 35 लाख रुपए की लागत से यहां स्थापित युद्ध स्मारक परिसर का लोकार्पण किया और पुष्पचक्र अर्पित कर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा भारतीय भूतपूर्व सैनिक लीग एवं टिहरा इकाई तथा डीएवी स्कूल ग्रियोह के एनसीसी कैडेट्स के आकर्षक मार्च पास्ट की सलामी ली। गृह रक्षक बैंड की मधुर धुन पर राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया।

डॉ. शांडिल ने कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य एवं राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए कहा कि उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा। वर्ष 1999 में कारगिल में अघोषित युद्ध लड़ा गया और ऑपरेशन विजय में प्रदेश के 52 सैनिक शहीद हुए थे, जिनमें 12 वीर सैनिक मंडी जिला के थे। इस ऑपरेशन के दौरान देश के जिन चार जवानों को परमवीर चक्र प्रदान किए गए हैं, उनमें से दो शहीद कैप्टन विक्रम बत्तरा (मरणोपरांत) और सेवारत सिपाही (अब सूबेदार मेजर) संजय कुमार हिमाचल से संबंध रखते हैं। उन्होंने वीरभूमि हिमाचल के युवाओं के ज़ज्बे की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना में भर्ती होकर राष्ट्र की रक्षा के लिए वे सदैव तत्पर रहते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हमारे वीर जवानों, उनके आश्रितों और भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा रोजगार में पूर्व सैनिकों के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत वर्तमान सरकार द्वारा 1220 पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को रोजगार प्रदान किया गया है। हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक निगम के माध्यम से भी 4,305 से अधिक पूर्व सैनिकों को विभिन्न विभागों, बोर्डों और संस्थानों आदि में रोज़गार उपलब्ध करवाया गया है। 232 से अधिक पूर्व सैनिकों के ट्रकों को विभिन्न सीमेंट फैक्ट्रियों में लगाया गया।

डॉ. शांडिल ने कहा कि ऐसे भूतपूर्व सैनिक और उनकी विधवाएं, जिन्हें किसी प्रकार की पेंशन नहीं मिलती एवं जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है, उनके लिए बुढ़ापा पेंशन राशि तीन हजार रुपए से बढ़ाकर पांच हज़ार रुपए की गई। बुढ़ापा पेंशन के तहत 3160 लाभार्थियों को 12 करोड़ 82 लाख रुपए से अधिक का वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि युद्ध या युद्ध जैसी परिस्थिति में शहीद सैनिक के लिए अनुग्रह अनुदान राशि 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये की गई। बीमारी या किसी अन्य कारणों से मृतक सैनिक के लिए अनुग्रह अनुदान राशि पांच लाख से बढ़ाकर 7 लाख 50 हजार रुपए की गई। मंडी जिला में भी गत तीन वर्षों में बीमारी या किसी अन्य कारणों से मृतक सैनिकों के आश्रितों को 2 करोड़ 81 लाख रुपए की अनुग्रह राशि प्रदान की गई।

डॉ. शांडिल ने स्थानीय विधायक के आग्रह पर युद्ध स्मारक के विस्तार कार्य के लिए समुचित राशि का प्रावधान करने तथा टिहरा क्षेत्र में सीएसडी कैंटीन खोलने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का भी आश्वासन दिया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक चंद्रशेखर ने कारगिल शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान पीढ़ीयों को देश की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा