सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में चार दिवसीय नेतृत्व एवं सामुदायिक विकास प्रशिक्षण शुरू
मंडी, 21 सितंबर (हि.स.)। सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में सोमवार को ‘लीडरशिप एवं सामुदायिक विकास’ विषय पर चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान क्षेत्रीय केंद्र चंडीगढ़ तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 से 24 सितंबर तक चलेगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य एनएसएस स्वयंसेवकों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व, सामुदायिक सहभागिता, टीम भावना और राष्ट्र निर्माण की भावना को विकसित करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर सरदार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति ललित कुमार अवस्थी, परीक्षा नियंत्रक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुनील कुमार ठाकुर, एनएसएस प्रभारी डॉ. हितेश ठाकुर, आरजीएनआईवाईडी के प्रशिक्षण सहायक थोकचोम रेआंगनचंद्रा सिंह एवं गुरप्रीत चौधरी, आमंत्रित अतिथि व्याख्याता, विश्वविद्यालय के शिक्षकगण और एनएसएस स्वयंसेवक मौजूद रहे।
परीक्षा नियंत्रक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुनील कुमार ठाकुर ने अपने संबोधन में नेतृत्व और सामुदायिक विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने तथा सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कुलपति ललित कुमार अवस्थी ने कहा कि युवा शक्ति समाज और राष्ट्र के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने एनएसएस के आदर्श वाक्य ‘नॉट मी, बट यू’ की भावना को आत्मसात करते हुए समाज और राष्ट्र की सेवा में सक्रिय योगदान देने के लिए स्वयंसेवकों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वयंसेवकों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ-साथ उन्हें समाज की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने और उनके समाधान में प्रभावी योगदान देने में सक्षम बनाते हैं।
आरजीएनआईवाईडी के प्रशिक्षण सहायक थोकचोम रेआंगनचंद्रा सिंह और गुरप्रीत चौधरी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने स्वयंसेवकों से प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों और गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुनील कुमार ठाकुर ने बताया कि चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को नेतृत्व विकास, सामुदायिक सहभागिता, संचार कौशल, टीम वर्क और सामाजिक समस्याओं के समाधान जैसे विषयों पर विभिन्न सत्रों, गतिविधियों एवं व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में यह भावना विकसित करना है कि सच्चा नेतृत्व केवल स्वयं आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों को साथ लेकर आगे बढ़ने में है।
उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एनएसएस स्वयंसेवकों को ‘लर्न, लीड एंड सर्व’ की भावना के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को अधिक प्रभावी ढंग से निभाने के लिए प्रेरित करेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

