हिमाचल में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के नियमों में बदलाव, तीन साल में 99,799 नए लाभार्थी जुड़े
शिमला, 23 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार के मुताबिक पिछले तीन वर्षों में 99,799 नए मामलों को मंजूरी दी गई है, जिससे कुल लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 8,41,917 हो गई है। इन लाभार्थियों में बुजुर्ग, विधवाएं, एकल महिलाएं और दिव्यांगजन शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग श्रेणियों के तहत पेंशन दी जा रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1,04,740 लोगों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, 5,04,253 को राज्य वृद्धावस्था पेंशन, 25,414 को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन और 1,26,808 को विधवा, निराश्रित और एकल महिला पेंशन मिल रही है। इसके अलावा 1,340 लोगों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन और 78,291 लोगों को विकलांगता राहत भत्ता दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में 41,799, 2024-25 में 41,012 और 2025-26 में 16,988 नए मामलों को मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि हाल ही में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के नियमों में संशोधन किया गया है, ताकि पेंशन का समय पर वितरण सुनिश्चित हो सके।
सरकार के मुताबिक 69 साल तक की 2,67,040 महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की पेंशन दी जा रही है। वहीं राज्य में 5,04,253 वृद्धावस्था पेंशनधारक, 1,26,808 विधवा और एकल महिला लाभार्थी, 78,291 दिव्यांग लाभार्थी, 1,021 कुष्ठ रोग पुनर्वास भत्ता पाने वाले और 50 ट्रांसजेंडर पेंशनधारक हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 100 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों की पेंशन 1,700 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह कर दी गई है, जिससे करीब 7,000 लोगों को फायदा होगा। इसके साथ ही विधवा, परित्यक्ता और एकल महिलाओं तथा 40 से 69 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों के लिए आय सीमा और ग्राम सभा की मंजूरी की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है, जिससे पेंशन प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सुशासन के तहत यह सुनिश्चित कर रही है कि जरूरतमंद लोगों को राज्य के संसाधनों में उनका उचित हिस्सा मिले और कल्याणकारी योजनाओं पर अधिक खर्च किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

