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बर्फ की चादर में लिपटी शिरगुल महाराज की तपोस्थली चूड़धार

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बर्फ की चादर में लिपटी शिरगुल महाराज की तपोस्थली चूड़धार


नाहन, 20 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी और प्रसिद्ध तीर्थस्थल चूड़धार ने एक बार फिर सफेद चादर ओढ़ ली है। पिछले कल से जारी खराब मौसम के बीच चूड़धार की पहाड़ियों पर 3 फीट ताजा हिमपात दर्ज किया गया है। मार्च के महीने में हुई इस भारी बर्फबारी ने पूरी घाटी को बर्फ की मोटी परत से ढक दिया है।

चूड़धार के मंदिर परिसर और आसपास की ऊंची चोटियों पर पिछले वीरवार से रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार वहां लगभग 3 फीट बर्फ जम चुकी है, जिससे समूचा पर्वत शृंखला सफेद चांदी की तरह चमक रही है। इस बर्फबारी के कारण ऊपरी इलाकों में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे गिर गया है, जिसका असर निचले मैदानी इलाकों में भी कड़ाके की ठंड के रूप में महसूस किया जा रहा है।

पहाड़ों पर जहां बर्फ का कब्जा है, वहीं जिला सिरमौर के निचले इलाकों जैसे नाहन, पांवटा साहिब और राजगढ़ में पिछले कल से झमाझम बारिश का दौर जारी है। बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से पूरा जिला शीतलहर की चपेट में है। लोग एक बार फिर गर्म कपड़ों और हीटरों का सहारा लेने को मजबूर हो गए हैं।

चूड़धार जाने वाले सभी पैदल रास्ते भारी बर्फबारी के कारण पूरी तरह से बंद हो गए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं और पर्यटकों को फिलहाल ऊंची चोटियों की ओर न जाने की सख्त सलाह दी है। भारी हिमपात और फिसलन के कारण इन रास्तों पर चलना जानलेवा साबित हो सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर