स्मार्ट मीटर से नहीं बढ़ेगा बिजली बिल, सब्सिडी पहले की तरह रहेगी : विद्युत बोर्ड
शिमला, 21 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने को लेकर फैल रही आशंकाओं और चर्चाओं के बीच हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड ने स्थिति स्पष्ट की है। बोर्ड के एक प्रवक्ता ने बुधवार को कहा है कि स्मार्ट मीटर लगने से न तो बिजली की सब्सिडी पर कोई असर पड़ेगा और न ही उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ेंगे। उन्होंने साफ किया कि 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा पहले की तरह पूरी तरह जारी रहेगी।
प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में अब तक करीब 7.5 लाख स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर केवल बिजली की खपत को मापने का एक आधुनिक उपकरण है, जैसे पहले पुराने मीटर हुआ करते थे। इसका बिजली की दरों या टैरिफ से कोई संबंध नहीं है। सोशल मीडिया पर स्मार्ट मीटर को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे सही जानकारी के अभाव में फैले भ्रम का नतीजा हैं।
उन्होंने बताया कि पुराने मीटरों में कई बार वास्तविक रीडिंग के बजाय औसत आधार पर बिजली के बिल जारी कर दिए जाते थे, चाहे उपभोक्ता ने बिजली का उपयोग किया हो या नहीं। इसके विपरीत, स्मार्ट मीटर में उपभोक्ता की वास्तविक खपत के आधार पर ही बिल बनेगा। यदि किसी महीने बिजली का उपयोग नहीं होता है, तो उपभोक्ता को औसत बिल नहीं दिया जाएगा।
प्रवक्ता के अनुसार स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत का डाटा अपने आप एक केंद्रीय डाटा सेंटर तक पहुंच जाता है। इससे बिलिंग प्रक्रिया अधिक सटीक होगी और ऑनलाइन सेवाओं में भी सुधार आएगा। यह व्यवस्था अनुमान या मैनुअल रीडिंग से हटकर रियल-टाइम डाटा आधारित प्रणाली की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर की रीडिंग पर संदेह होता है, तो प्रदेश सरकार ने मौजूदा मीटर के साथ एक अतिरिक्त स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति दी है। इससे उपभोक्ता हर 15 मिनट में अपनी बिजली खपत की जानकारी स्वयं देख सकता है। यदि फिर भी कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित विद्युत उप-मंडल कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

