कांग्रेस ने दशकों तक महिला आरक्षण बिल रोका : सिकंदर कुमार
शिमला, 20 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री और सांसद सिकंदर कुमार ने कांग्रेस पार्टी पर महिला आरक्षण कानून यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लंबे समय तक इस बिल को आगे नहीं बढ़ाया और अब इसके समर्थन के नाम पर सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।
प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने सोमवार को एक बयान में कहा कि कांग्रेस ने कई दशकों तक देश पर शासन किया, लेकिन महिला आरक्षण को कभी प्राथमिकता नहीं दी। उनके अनुसार उस समय यह बिल केवल फाइलों तक सीमित रहा और उसे पास कराने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ हुआ, तब कांग्रेस ने तरह-तरह के बयान देकर अपनी राजनीतिक मजबूरी दिखा दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में बिल को लेकर कांग्रेस के रुख और बाद में उसके नेताओं के बयानों से साफ लगता है कि पार्टी दिल से इस बदलाव के साथ नहीं थी। उनका कहना था कि कांग्रेस शासित राज्यों के कुछ नेताओं की टिप्पणियों से भी महिलाओं के मुद्दे पर पार्टी की सोच सामने आती है।
सिकंदर कुमार ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने इच्छाशक्ति दिखाते हुए इस कानून को आगे बढ़ाया, तब कांग्रेस ने पुराने प्रस्तावों का हवाला देकर इसका श्रेय लेने की कोशिश की, जबकि अपने शासनकाल में वह इसे पास नहीं करा सकी। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को नारी शक्ति मानकर उनके अधिकार मजबूत करने के लिए काम कर रही है, जबकि कांग्रेस ने उन्हें लंबे समय तक केवल वोट बैंक की तरह देखा।
उन्होंने यह भी कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव है और आने वाले समय में महिलाएं इस मुद्दे पर अपना फैसला खुद करेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

