कांग्रेस ने झूठी गारंटियों से कर्मचारियों को ठगा, एनपीएस को मिल रहा ओपीएस से ज्यादा डीए : सांसद प्रो. सिकंदर कुमार
शिमला, 08 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में महंगाई भत्ते (डीए) को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद प्रो. सिकंदर कुमार ने कांग्रेस सरकार पर कर्मचारियों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) बहाल करने का वादा किया था, लेकिन अब उसी योजना को चुनने वाले कर्मचारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
प्रो. सिकंदर कुमार ने प्रदेश सरकार द्वारा जारी उस अधिसूचना पर सवाल उठाए हैं, जिसके तहत राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों को केंद्र सरकार की दरों के अनुसार महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से प्रदेश के हजारों ओपीएस कर्मचारियों में निराशा और असंतोष पैदा हुआ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान ओपीएस बहाली को अपनी बड़ी गारंटी के रूप में पेश किया था। सरकार के भरोसे पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने ओपीएस को चुना, जबकि कुछ कर्मचारी एनपीएस में ही बने रहे। लेकिन अब स्थिति यह बन गई है कि एनपीएस कर्मचारियों को केंद्र सरकार की दरों के हिसाब से करीब 60 प्रतिशत डीए मिल रहा है, जबकि ओपीएस कर्मचारियों को राज्य सरकार की दरों के अनुसार केवल 45 प्रतिशत डीए दिया जा रहा है।
सिकंदर कुमार ने कहा कि समान पद, समान काम और समान जिम्मेदारियों के बावजूद कर्मचारियों के बीच इस तरह का अंतर पूरी तरह भेदभावपूर्ण है। उनके मुताबिक सरकार अपनी अधिसूचना में खुद यह स्वीकार कर रही है कि एनपीएस कर्मचारियों को भविष्य की पेंशन से जुड़े लाभों में नुकसान हो रहा था, इसलिए उन्हें केंद्र सरकार की दरों पर डीए देने का फैसला लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यही तर्क सही है तो ओपीएस चुनने वाले कर्मचारियों को कम डीए देकर आर्थिक नुकसान पहुंचाना कैसे उचित माना जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ओपीएस को कर्मचारियों के हित में बताते हुए लागू किया गया था, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि ओपीएस चुनने वाले कर्मचारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की यह नीति कर्मचारियों के बीच असमानता पैदा कर रही है और इससे कर्मचारियों का मनोबल भी गिर रहा है।
राज्यसभा सांसद ने प्रदेश सरकार से मांग की कि ओपीएस और एनपीएस कर्मचारियों के बीच डीए को लेकर बनाए गए इस अंतर को तुरंत खत्म किया जाए और सभी कर्मचारियों को समान दर पर महंगाई भत्ता दिया जाए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा कर्मचारियों के हितों के साथ खड़ी रही है और आगे भी कर्मचारियों की आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

