जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं शिक्षाओं को किया याद
मंडी, 04 सितंबर (हि.स.)। जन्माष्टमी के अवसर पर बालिका आश्रम सुंदरनगर में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों एवं श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को याद करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी सीडीपीओ सुंदरनगर पूनम चौहान ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म एवं उनके बाल जीवन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं पर प्रकाश डाला गया। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
मुख्यातिथि पूनम चौहान ने कहा कि जन्माष्टमी का पर्व पूरे भारतवर्ष में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं तथा भजन-कीर्तन में भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें सत्य, धर्म, कर्तव्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मथुरा के कारागार में हुआ था। उनके पिता वसुदेव उन्हें यमुना पार कर गोकुल ले गए, जहां नंद बाबा और माता यशोदा ने उनका पालन-पोषण किया। सीडीपीओ ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म को प्रधानता देते हुए मानवता को महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उनका जीवन हमें कर्तव्य का पालन करते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण से सभी के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

