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शिमला के चिन्हित क्षेत्रों में रैलियों, प्रदर्शनों और नारेबाजी पर 30 नवंबर तक रोक

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शिमला के चिन्हित क्षेत्रों में रैलियों, प्रदर्शनों और नारेबाजी पर 30 नवंबर तक रोक


शिमला, 03 अक्टूबर (हि.स.)। शिमला शहर के चिन्हित क्षेत्रों में रैलियों, प्रदर्शनों, सार्वजनिक बैठकों और नारेबाजी पर 30 नवंबर तक प्रतिबंध रहेगा। जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने शिमला में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से पंजाब सुरक्षा राज्य अधिनियम, 1953 की धारा 6 के तहत यह आदेश जारी किया है। आदेश एक अक्तूबर से प्रभावी हो चुका है और 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा।

आदेश के अनुसार मॉल रोड और इसके आसपास के चिन्हित क्षेत्रों में सार्वजनिक बैठकें करने, जुलूस और रैलियां निकालने, प्रदर्शन करने, नारे लगाने तथा बैंड बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। ऐसे सामान या वस्तुएं ले जाने पर भी रोक रहेगी, जिनका इस्तेमाल हथियार के रूप में किया जा सकता है। रैली, प्रदर्शन, सार्वजनिक बैठक या बैंड बजाने के लिए सक्षम प्राधिकारी से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आदेश का उल्लंघन कानून के अनुसार दंडनीय होगा। पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों और सैन्य कर्मियों पर ड्यूटी के दौरान यह आदेश लागू नहीं होगा।

प्रतिबंध छोटा शिमला से कैनेडी हाउस और रिज तक मॉल रोड पर लागू रहेगा।

इसके अलावा रेन्डेजवस रेस्टोरेंट से रिवोली सिनेमा की ओर जाने वाले मार्ग पर 150 मीटर तक का क्षेत्र, स्कैंडल प्वाइंट से काली बाड़ी मंदिर तक का क्षेत्र और छोटा शिमला गुरुद्वारा से छोटा शिमला-कसुम्पटी मार्ग तक लिंक रोड भी इसके दायरे में हैं।

छोटा शिमला चौक से राजभवन होते हुए ओक ओवर तक का मार्ग, छोटा शिमला गुरुद्वारा के समीप से कसुम्पटी रोड की ओर जाने वाली सीढ़ियां और पैदल मार्ग तथा कार्ट रोड से मजीठा हाउस तक लिंक रोड भी प्रतिबंधित क्षेत्रों में शामिल हैं। ए.जी. कार्यालय से कार्ट रोड की ओर जाने वाला मार्ग और सी.पी.डब्ल्यू.डी. कार्यालय से चौड़ा मैदान तक जाने वाला मार्ग भी आदेश के दायरे में रहेगा।

इसके अलावा पुलिस गुमटी से उपायुक्त कार्यालय के ऊपर की ओर लोअर बाजार की तरफ 50 मीटर तक का क्षेत्र भी प्रतिबंधित क्षेत्र में शामिल किया गया है। जिला प्रशासन ने संबंधित व्यक्तियों और संगठनों से आदेशों का पालन करने का आग्रह किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा