लोकतंत्र को भीड़तंत्र बनने से बचाने के लिए सभी दल करें प्रयास : शांता कुमार
पालमपुर, 29 जुलाई (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने देश के सभी राजनीतिक दलों से लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने से रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि हाल के घटनाक्रमों को देखकर उन्हें चिंता हो रही है कि कहीं देश का लोकतंत्र भीड़तंत्र में न बदल जाए।
बुधवार को जारी एक बयान में शांता कुमार ने कहा कि लंबे समय से पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे संघर्ष के बीच दो महत्वपूर्ण निर्णय हुए हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए लोकसभा ने एक ऐतिहासिक और सख्त कानून पारित किया है, जिसका उन्होंने स्वागत किया। उन्होंने इस कानून के समर्थन के लिए सभी विपक्षी दलों का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के दौरान दूसरा महत्वपूर्ण निर्णय देश के छह वरिष्ठ राष्ट्रीय विद्वानों की समिति का गठन है। उनके अनुसार, समिति के सुझाव इस समस्या के स्थायी और प्रभावी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
शांता कुमार ने कहा कि हाल के घटनाक्रमों को टीवी पर देखते हुए उनका मन चिंतित और उदास रहा। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को संयम और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मर्यादा और संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

