धर्मशाला केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर के लिए 30 करोड़ रुपये जारी करे प्रदेश सरकार : शांता कुमार
पालमपुर, 05 नवंबर (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के परिसर का निर्माण शुरू न होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लगभग 14 वर्ष पहले हिमाचल प्रदेश के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय स्वीकृत किया था, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि हल्की राजनीति के कारण धर्मशाला परिसर का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो पाया है। इससे बड़ी प्रशासनिक नाकामी क्या हो सकती है।
शांता कुमार ने वीरवार को एक बयान में कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्वीकृति के बाद धर्मशाला और देहरा के बीच स्थान को लेकर राजनीतिक खींचतान चलती रही। जब वह सांसद थे, तब भारत सरकार में विस्तृत विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया गया था कि विश्वविद्यालय का मुख्य केंद्र धर्मशाला में होगा और देहरा में भी एक परिसर बनाया जाएगा। दोनों परिसरों के निर्माण के लिए राज्य सरकार को अपना निर्धारित अंश देना था।
उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि प्रदेश सरकार ने देहरा परिसर के लिए अपना हिस्सा जारी कर दिया, लेकिन धर्मशाला परिसर के लिए 30 करोड़ रुपये आज तक नहीं दिए। धर्मशाला परिसर के लिए केंद्र सरकार ने 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, लेकिन यह राशि राज्य सरकार द्वारा अपना 30 करोड़ रुपये का अंश जमा करवाने के बाद ही उपलब्ध होगी। इसी कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की इस देरी से कांगड़ा जिले के साथ अन्याय हो रहा है। आर्थिक कठिनाई का हवाला देना भी उचित नहीं है, जबकि सरकार विभिन्न योजनाओं पर बड़ी धनराशि खर्च कर रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि अब कोई बहाना बनाए बिना धर्मशाला परिसर के लिए 30 करोड़ रुपये तत्काल जारी किए जाएं, ताकि वर्षों से लंबित निर्माण कार्य शुरू हो सके और कांगड़ा जिले के साथ हो रहा अन्याय समाप्त हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

