चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए डोप टेस्ट हो अनिवार्य : शांता कुमार
शिमला, 16 जून (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने सुझाव दिया है कि भविष्य में हर प्रकार के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए डोप टेस्ट अनिवार्य किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि हाल ही में हुए पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले यह व्यवस्था लागू होती, तो राजनीतिक व्यवस्था में बड़ा सकारात्मक सुधार देखने को मिलता।
मंगलवार को जारी एक बयान में शांता कुमार ने कहा कि प्रदेश में बढ़ता नशे का प्रकोप एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुका है और इसके खिलाफ केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई में पूरे समाज को एकजुट होकर भागीदारी निभानी होगी।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों में भर्ती के दौरान डोप टेस्ट को अनिवार्य बनाना एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की 51 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करना, 123 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करना तथा 31 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त करना सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
शांता कुमार ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए सुझाव दिया कि प्रदेश की सभी धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक संस्थाओं की एक संयुक्त बैठक बुलाकर नशे के विरुद्ध व्यापक रणनीति तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों के सुझावों के आधार पर राज्यव्यापी जन-अभियान चलाया जाए, ताकि नशे के खिलाफ पूरे समाज को संगठित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में नशे का बढ़ता प्रचलन युवाओं के भविष्य के लिए खतरा बनता जा रहा है। नशे के अवैध कारोबार में भारी आर्थिक लाभ होने के कारण इसका नेटवर्क लगातार फैल रहा है। ऐसे में सरकार और समाज दोनों को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा।
शांता कुमार ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई तभी सफल होगी, जब प्रदेश का हर नागरिक, संस्था और सामाजिक संगठन इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

